इंटर के जिला टॉपर अंकुश राठौर को मिठाई खिलाते माता पिता। संवाद
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लखीमपुर खीरी-सिकंद्राबाद। नीमगांव थाना क्षेत्र के गांव प्रतापपुर से निकलकर छात्र अंकुश राठौर यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षा में जनपद का नाम रोशन करकेे सुर्खियों में है। गरीबी और अभावों में भी अंकुश ने अपनी पढ़ाई पर एकाग्रता बनाए रखी, जिससे जिला टॉप करने के साथ ही प्रदेश में आठवां स्थान हासिल कर लिया। इसके साथ ही अंकुश ने ग्रामीणों की उम्मीदों को भी पंख लगा दिए हैं। अब उसके गांव की जर्जर सड़क की तस्वीर बदल सकती है, क्योंकि प्रदेश सरकार ने टॉपर के नाम से उसकेे घर तक सड़क बनाने की घोषणा की है। वहीं मुख्यमंत्री के प्रोत्साहन यानी एक लाख रुपये की मदद और लैपटॉप मिलने पर अंकुश के लिए भौतिक विज्ञान का प्रोफेसर/वैज्ञानिक बनने की राह आसान हो जाएगी।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के छात्र अंकुश राठौर की सफलता की कहानी में उसके माता-पिता ने भी अहम योगदान दिया है। गांव में कक्षा दो तक पढ़ने के बाद अंकुश अपने माता-पिता के साथ लखीमपुर में पढ़ाई करने आ गया था। कई सालों तक शहर में किराये का मकान में रहकर विनोद कुमार ने हीरालाल धर्मशाला चौराहे पर पान का खोखा चलाया। अब वह गांव में ही घर के बाहर खोखे में परचून की दुकान करते हैं। अंकुश के टॉपर बनने की कहानी जब गांव वालों ने सुनी, तो वह लोग भी खुश हुए। कई लोगों ने अपने बच्चों को अंकुश की सफलता के बारे में बताकर प्रेरित किया। गांव वालों में इस बात भी खुशी है कि सरकार ने टॉपर छात्रों के गांव/मोहल्ले में उसके घर तक पक्की सड़क बनाने की बात कही है, जिससे उनके गांव की भी जर्जर सड़क जल्द ठीक हो सकती है। इसके अलावा प्रतापपुर गांव में गंदगी बड़ी समस्या बनी हुई है, जिससे बीमारियों के फैलने का खतरा है। इसको लेकर टॉपर अंकुश और ग्रामीणों की मांग है कि गांव में सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराई जाए।
इच्छाओं पर लगाया अंकुश
इंटर के टॉपर अंकुश की माने तो उसने अब तक सोशल मीडिया खासकर व्हाट्सएप से दूरी बनाए रखी। ताकि वह लोगों के संपर्क में न आए। इसके अलावा उसने सिनेमा हाल का मुंह नहीं देखा। कुछ फिल्में जरूर उसने मोबाइल पर डाउनलोड करके देखीं, जिसमें थ्री इडियट फिल्म खास पसंद आई।
सरकार की मंशा के अनुरूप टॉपर विद्यार्थियों के घर तक पक्की सड़क बनवाई जाएगी। यदि सड़क जर्जर है, तो उसकी मरम्मत कराकर अच्छी सड़क बनाई जाएगी। वहां पर एक बोर्ड लगाकर टॉपर विद्यार्थी का विवरण अंकित किया जाएगा। इससे अन्य छात्रों का मनोबल बढ़ेगा।
-शैलेंद्र कुमार सिंह, डीएम
प्रतापपुर गांव को जाने वाली जर्जर सड़क- फोटो : LAKHIMPUR