धीमी गति से काम होने पर ठेकेदार से जताई नाराजगी
मोहाना नदी पर 700 मीटर और बनेगी ठोकर
सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता सीडी राम ने भारत-नेपाल सीमा पर बह रही मोहाना नदी पर बनाई जा रहीं ठोकरों के निर्माण का जायजा लिया। काम की गति काफी धीमी मिलने पर उन्होंने कार्यदायी संस्था के ठेकेदार से कड़ी नाराजगी जताई और काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। उधर ग्रामीणों ने ठोकरों को मानक के अनुरूप न बनाए जाने का आरोप लगाते हुए जांच कराए जाने की मांग की।
भारत-नेपाल सीमा पर स्थित मोहाना नदी हर साल कटान कर सीमावर्ती गांवों में तबाही मचाती है। ग्रामीणों ने गांवों को बचाने के लिए ठोकरों का निर्माण कराए जाने की मांग शासन से की थी। जनवरी’15 में सिंचाई विभाग और लोकनिर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने तिकुनियां आकर मोहाना नदी पर ठोकरों के बावत ग्रामीणों से जानकारी ली थी। इसके बाद 11 करोड़ 92 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत कर ठोकरों के निर्माण का आदेश सिंचाई विभाग को दिया था। ग्रामीणों की शिकायत पर डीएम आकाशदीप ने दो हफ्ते पहले ठोकरों का निरीक्षण किया था। शनिवार को सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता सीडी राम ने मौके पर पहुंचकर ठोकरों का जायजा लिया। उन्होंने निर्माण कार्य की गति धीमी मिलने पर कार्यदायी संस्था यूपीपीसीएल के प्रमुख राजेश वर्मा से कड़ी नाराजगी जाहिर की और काम तेज करने के निर्देश दिए। मुख्य अभियंता ने बताया कि शासन ने मोहाना नदी पर सात सौ मीटर की रेंज में और ठोकरों के निर्माण के लिए 12 करोड़ रुपये स्वीकृति किए हैं। निरीक्षण के दौरान सिंचाई विभाग के जिला अधिशासी अभियंता ओम वर्मा, सहायक अभियंता, अवर अभियंता, जसवंत सिंह, मंगा सिंह, इंद्रजीत सिंह, स्वर्ण सिंह आदि ग्रामीण मौजूद रहे।