लखीमपुर खीरी। यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षा में संस्कृत विषय की तैयारी कर रहे छात्रों को अंक बढ़ाने के लिए विषय विशेषज्ञ लगातार सुझाव दे रहे हैं। उनका कहना है कि व्याकरण के साथ ही संधि, समास, विभक्ति, धातु, रूप, प्रत्यय और उपसर्ग पर विशेष ध्यान देने से परीक्षा में अधिक अंक प्राप्त किए जा सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा में छोटी-छोटी गलतियों से भी अंक कट सकते हैं। इसलिए प्रश्न हल करते समय छात्रों को सतर्क रहना आवश्यक है। इसके अलावा पाठ्यक्रम का समग्र अध्ययन करना जरूरी है ताकि परीक्षा के दौरान समय की कमी न हो।
महत्वपूर्ण श्लोकों को याद करने के साथ उनका हिंदी अर्थ समझना चाहिए और श्लोक लिखते समय हलंत, विसर्ग और सही लिपि पर विशेष ध्यान देना चाहिए। गद्य-पद्य के लेखकों के नाम याद रखना और लेखन में अशुद्धियों से बचना भी अंक बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है।
छात्रों को नियमित अभ्यास के माध्यम से श्लोक लिखने और उनके अर्थ समझने का अभ्यास करना चाहिए। पिछले पांच वर्षों के प्रश्नपत्र हल करने से तैयारी में मदद मिलती है और अशुद्धियों से बचा जा सकता है।
-पारसनाथ वर्मा, प्रवक्ता, संस्कृत गांधी विद्यालय इंटर कॉलेज
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गद्य-पद्य के लेखकों के नाम याद रखना और प्रत्यय, उपसर्ग की सही जानकारी रखना परीक्षार्थियों के लिए बेहद जरूरी है। छोटी-छोटी लापरवाही से अंक कट सकते हैं।
-पवन वर्मा, जिला पंचायत इंटर कॉलेज कस्ता
पारसनाथ वर्मा- फोटो : गांधी इंटर कॉलेज में यूपी बोर्ड की परीक्षा देकर बाहर निकलते छात्र।