बोर्ड परीक्षाएं 19 फरवरी से हैं। तैयारी के लिए परीक्षार्थियों के पास एक सप्ताह से भी कम समय बचा है। ऐसे में अच्छे अंक लाने के लिए परीक्षार्थी परेशान हैं और रात-दिन पढ़ाई कर रहे हैं लेकिन अब सावधानी से तैयारी करने की आवश्यकता है। विशेषज्ञों की राय है अब विद्यार्थी ग्रुप डिस्कशन पर अधिक जोर दें तथा खेलों को भी नियमित दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।
परीक्षा तिथि निकट आने के साथ ही विद्यार्थियों में परीक्षा का डर बढ़ रहा है। अधिकतर विशेषज्ञों का कहना है कि जितना तैयार है उसे ही रिवाइज करें और अपने साथियों के साथ डिस्कस करें। इससे अपनी कमियां तो दूर होंगी ही साथ ही जिन बातों से अनिभिज्ञ हैं उस संबंध में भी जानकारी मिल जाएगी। विशेषज्ञों के अनुसार अभिभावकों को चाहिए कि वेे बच्चों को हर समय पढ़ाई के लिए न कहें, खेलने के लिए भी कहें। खेलने से तनाव दूर होता है और बाद में अच्छी तरह से पाठ याद हो जाता है।
जो तैयार है उसे ही दोहराएं
जीआईसी के प्रधानाचार्य डॉ.आरके जायसवाल ने बताया कि अब परीक्षार्थी नए के चक्कर में न पडे़ं। जो आता है उसे ही बार-बार दोहराएं। जोर-जोर से पढ़ें, इससे अच्छी तरह से याद होता है। शांत रहें और दिनचर्या नियमित रखें।
तनाव मुक्त होकर करें तैयारी
वाईडी कॉलेज के प्रोफेसर सुनील त्रिपाठी ने कहा कि बच्चे परीक्षा का बोझ मन से उतार कर इस सोच से तैयारी करें कि जो याद है उसे अच्छा करेंगे। टीवी भी देखें और खेलों को भी दिनचर्या में शामिल करें। यह विश्वास रखें कि वे अच्छा कर लेंगे। जब विश्वास बढ़ता है तो डर कम हो जाता है।