लखीमपुर खीरी। तिकुनिया हिंसा के आरोपी अंकित दास की ओर से जिला जज मुकेश मिश्र की अदालत में शनिवार को जमानत अर्जी दाखिल की गई, जिस पर जिला जज ने 15 फरवरी की तारीख तय की है।
तिकुनिया हिंसा में लखनऊ निवासी अंकित दास की ओर से दूसरी बार शनिवार को जमानत अर्जी जिला जज अदालत में दाखिल की गई। वरिष्ठ अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह गौड़ ने जमानत अर्जी दाखिल करते हुए बताया कि निर्दोष होने के बावजूद अंकित दास को बंद किया गया है। न्यूरो संबंधित बीमारी से पीड़ित होने के बाद भी इलाज और सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं।
किसानों के धरना प्रदर्शन या तिकुनिया की राजनीति से उनका कोई संबंध सरोकार नहीं था। केवल मामले को हाईप्रोफाइल बनाने के लिए उन्हें झूठा फंसाया गया है। इधर, डीजीसी अरविंद त्रिपाठी ने बताया कि एसआईटी ने गहनता से जांच कर ली है। शक की कोई गुंजाइश नहीं है। प्रार्थना पत्र के संबंध में तिकुनिया पुलिस से रिकॉर्ड मंगाया गया है।
क्रॉस केस मामले में जमानत अर्जी नॉट प्रेस
तिकुनिया हिंसा मामले में शनिवार को आरोपी कमलजीत की ओर से दी गई जमानत अर्जी नॉट प्रेस हो गई। मामले में एसआईटी ने गुरविंदर सिंह, गुरप्रीत सिंह और कमलजीत सिंह के खिलाफ हत्या की और विचित्र सिंह के खिलाफ आगजनी और तोड़फोड़ की चार्जशीट दाखिल की थी। शनिवार को जिला अदालत में कमलजीत की ओर से पेश हुई अधिवक्ता रविंद्र कौर बत्रा ने अदालत को बताया कि कमलजीत की कोई क्रिमिनल हिस्ट्री नहीं है, क्रॉस केस में उन्हें गलत ढंग से फंसाया गया है।
डीजीसी अरविंद त्रिपाठी की और से जमानत प्रार्थना पत्र की धाराओं का उल्लेख किया गया। संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से पेश हुई रविंद्र कौर बत्रा तथा एसकेएम टीम के हरजीत सिंह, यदुवेंद्र वर्मा और सुरेंद्र कुमार ने कहा कि ताकतवर आरोपियों को बचाने के लिए गलत ढंग से कमलजीत को क्रॉस केस में फंसाया गया है।