Tikunia Violence: Lawyers abstaining from judicial work
अब 17 सितंबर को होगी सुनवाई
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया हिंसा मामले में मंगलवार को वकीलों के न्यायिक कार्य से विरत रहने के कारण सुनवाई फिर आगे बढ़ गई है। जिला जज ने सुनवाई के लिए 17 सितंबर की तारीख मुकर्रर की है।
विधायक अरविंद गिरि के निधन के चलते मंगलवार को जिला अधिवक्ता संघ में शोक प्रस्ताव रहा, जिसके चलते मंगलवार को सुबह से ही अधिवक्ताओं में न्यायिक कार्यों से विरत रहने की आशंका रही। जिला जज ने मंगलवार को अदालती कार्रवाई शुरू की तो बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने वकीलों के न्यायिक कार्य से विरत रहने की जानकारी दी। इसी संबंध में जिला अधिवक्ता संघ की ओर से शोक प्रस्ताव पत्र भी पारित हो गया। इसके बाद अदालत ने जेल में बंद आशीष मिश्र मोनू, अंकित दास, सुमित जायसवाल सहित सभी आरोपियों की वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी उपस्थित सुनिश्चित की। बचाव पक्ष के शैलेंद्र सिंह गौड़ ने स्थगन के लिए लिखित अर्जी दाखिल करते हुए बताया कि विधायक के निधन के बाद उनके अंतिम दर्शन में अधिवक्ताओं के जाने के कारण डिस्चार्ज एप्लीकेशन पर बहस हो पाना संभव नहीं है, लिहाजा उन्हें डिस्चार्ज एप्लीकेशन पर बहस के लिए समय दिया जाए। इस पर अदालत ने कार्यवाही आगे बढ़ाते हुए सुनवाई के लिए 17 सितंबर की तारीख मुकर्रर की है।
जिला शासकीय अधिवक्ता अरविंद त्रिपाठी और संबंधित अधिवक्ताओं को 17 सितंबर के लिए उपस्थित रहने को कहा है। इस दौरान बचाव पक्ष से अवधेश सिंह, शैलेंद्र सिंह गौड़, अनिल त्रिवेदी, राम आशीष मिश्रा सहित कई वकील मौजूद रहे।