हाथीपुर गुरुद्वारा में मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि तिकुनिया हिंसा को एक साल हो गया है, जिसे पूरी दुनिया ने देखी। इस तरह की घटनाएं पिक्चर में होती है, लेकिन रियल लाइफ में ऐसी घटनाएं नहीं होती है। जानबूझकर पांच लोगों को मारा गया, उससे जो हिंसा भड़की उसमें तीन और लोग मारे गए। उन्होंने कहा कि यह तो शांति का सप्ताह चल रहा है। इसमें क्रांति हो तो याद किया ही जाएगा। राकेश टिकैत ने कहा कि अभी तक न्याय नहीं मिला है। बेईमान सरकार है, जो संविधान को नहीं मानती है। अपनी सत्ता और ताकत का दुरुपयोग करती है। पिछले महीने 50 हजार लोग यहां आए, लेकिन अभी तक अधिकारियों ने मुख्यमंत्री से बात नहीं कराई है। रविवार को पूरे देश में लोग विरोध करेंगे।
कौड़ियाला गुरुद्वारा में बरसी मनाए जाने की तैयारियां लगभग पूरी हो गई हैं। भाकियू के यूपी उत्तराखंड के प्रभारी बलजिंदर सिंह मान, जिलाध्यक्ष दिलबाग सिंह समेत बाहर से आए किसानों ने गुरुद्वारा में शरण ली है। इस दौरान कार सेवकों का गुरुद्वारे में आना शुरू हो गया है। कौड़ियाला गुरुद्वारा के बाबा जत्थेदार बाबा काला सिंह ने बताया कि गुरुद्वारा कौड़ियाला के बने दीवान हाल में बरसी कार्यक्रम संपन्न होगा।
क्षेत्रीय किसानों सहित किसान नेताओं का भी आगमन होगा। भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष दिलबाग सिंह ने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा के सभी घटक दल प्रमुख रूप से शामिल होंगे। सभा के बाद पीएम को संबोधित ज्ञापन डीएम को देने की तैयारी है। इसमें मंत्री टेनी की बर्खास्तगी और समझौते के बावजूद कोई मांग न पूरी होने की बात को लेकर ज्ञापन सौंपा जाएगा।
जिलों में भी विरोध करेंगे किसान, पुलिस-प्रशासन अलर्ट
एक साल पूर्व तिकुनिया में हुई हिंसा को लेकर जिलों में भी किसान विरोध दर्ज कराएंगे। संयुक्त किसान मोर्चा ने इसकी पूरी तैयारियां की हैं। गांव गांव किसानों ने इसके लिए संपर्क किया है। जिलों और तहसील पर भी किसान काली पट्टी बांधकर केंदीय गृह राज्यमंत्री और उनके बेटे का पुतला फूंकेंगे। इस पंचायत और विरोध पर सरकारी तंत्र की पैनी निगाह लगी है। तिकुनिया के कार्यक्रम स्थल के अलावा विभिन्न जिलों में भी इसके लेकर गंभीरता दिखाई जा रही है। खास तौर पर लखीमपुर खीरी व आसपास के जिलों में निर्देश दिए गए हैं कि व्यवस्था ठीक रखी जाए। खास तौर से यातायात व्यवस्था दुरुस्त रहे।