दुधवा की रानी कही जाने वाली बेलडंडा की बघिन करीब तीन माह पहले आपसी संघर्ष में घायल हो गई थी। बाघिन की हालत खराब होने पर दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन ने इलाज के लिए उसकी तलाश शुरू की। पिछले 14 दिनों से दुधवा की प्रशिक्षित राजकीय हथिनी पवनकली और सुलोचना के साथ-साथ वन कर्मियों व पशु चिकित्सकों की टीम उसे तलाश कर रही थी। बाघिन की लोकेशन पता लगाने के लिए 30 कैमरे भी लगाए गए थे, लेकिन उसकी तस्वीर किसी कैमरे में कैद नहीं हुई और न ही प्रत्यक्ष रूप से किसी टीम को दिखाई दी।
यह भी पढ़ें- शादी से पहले दुल्हन की मौत: अचानक बिगड़ी तबीयत... झोलाछाप के इलाज से गई जान, रास्ते से लौटी बरात
वाटरहोल में दिखी बाघिन
- फोटो : दुधवा
वाटरहोल में बैठी दिखी बाघिन
- फोटो : दुधवा
दुधवा टाइगर रिजर्व के एफडी डॉ. एच. राजामोहन ने बताया कि किशनपुर अभयारण्य में तलाशी अभियान के दौरान 14 वें दिन शुक्रवार सुबह बाघिन बेलडंडा क्षेत्र के एक वाटरहोल में बैठी मिली। बाघिन स्वस्थ दिख रही है। हालांकि निगरानी टीमों को उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।