अब कतर्निया घाट होगा बाघिन का नया आशियाना
- दो माह से लगातार कई गांवों के आसपास आतंक मचाए थी बाघिन
संवाद न्यूज एजेंसी
पलियाकलां। इलाके के निबुआबोझ गांव में एक बालक को मौत के घाट उतारने वाली रेडियो कॉलर लगी बाघिन को वन विभाग की टीम ने बसंतापुर कलां गांव में ट्रैंकुलाइज किया है। उसका अब नया आशियाना कतर्निया घाट होगा।
इलाके के निबुआबोझ में एक बालक को मौत के घाट उतारने वाली बाघिन को दुधवा पार्क प्रशासन द्वारा 29 नवंबर 2022 को रेडियो कॉलर आईडी लगाकर सोनारीपुर रेंज में छोड़ा था। इसके बाद करीब दो माह से बाघिन फिर से लालपुर ढाका, ऐंठपुर, पटिहन, अंधरा फार्म, गदनियां, फरसहिया समेत कई गांवों के आसपास दिखी थी। उसने अपना अड्डा लालपुर ढाका व ऐंठपुर के बीच स्थित सत्संग आश्रम के पास बना लिया था। इस बाघिन को ट्रैंकुलाइज करने के निर्देश भी मिले थे, जिसके बाद चिकित्सक डॉ. दयाशंकर व डॉ. दीपक लगातार बाघिन की लोकेशन ट्रेस कर रहे थे। बुधवार को बाघिन की लोकेशन बसंतापुर कलां गांव की तरफ मिली। इसके बाद वन विभाग की टीम चिकित्सकों के साथ वहां पहुंची और फिर बाघिन को घेरने के बाद डॉ. दयाशंकर ने उसे ट्रैंकुइलाज किया। इसके कुछ देर बाद ही वह बेहोश हो गई। कुछ पता करने के बाद टीम मौके पर पहुंची और उसको पिंजड़े में कैद किया। पलिया के प्रभारी रेंजर विमलेश कुमार ने बताया कि बाघिन को ट्रैंकुइलाज कर लिया गया है। अब उसे कतर्निया घाट छोड़ा जाएगा।
इलाके से थी भली-भांति परिचित थी, अब इसी कारण बदली जा रही जगह
दुधवा में इससे पहले बाघिन को सोनारीपुर रेंज में छोड़ा गया था, लेकिन वह इलाके से परिचित हो गई थी और जंगल में छोड़े जाने के बावजूद वह फिर वहीं आ गई थी, जहां उसने बालक पर हमला किया था। आसपास के खेतों में कई बार वह देखी गई और पूरे इलाके के गांवों के आसपास वह घूमती रही।
मवेशियों का कर रही थी शिकार, लेकिन दहशत में थे ग्रामीण
रेडियो कॉलर आईडी लगी बाघिन हालांकि केवल निबुआबोझ में बालक पर ही हमलावर हुई थी। उसके बाद उसने किसी मानव पर हमला नहीं किया था। हालांकि तीन-चार दिन पहले उसने अंधरा फार्म में मवेशियों का शिकार किया था, लेकिन बाघिन की आमद से आसपास के ग्रामीणों में दहशत फैली हुई थी। करीब छह गांवों के ग्रामीण रात के अंधेरे में निकलने से कतराते थे।
पलिया के बसंतापुर कलां में ट्रैंकुलाइज कर पिंजड़े में कैद बाघिन।