नदी और खेतों के आसपास पेट्रोलिंग करती वन कर्मियों की टीम। संवाद
ममरी। जमुनहा फार्म निवासी युवक जसपाल सिंह पर रविवार सुबह हमला करने वाले बाघ की लोकेशन तीन दिन बाद भी ट्रेस नहीं हो पाई है। इससे किसानों में दहशत है, जबकि वनकर्मियों की टीम लगातार पेट्रोलिंग कर रही है।
बाघ की लोकेशन ट्रेस करने में लगे डिप्टी रेंजर रामनरेश वर्मा, फॉरेस्टर रोहित श्रीवास्तव, नरेंद्र वर्मा आदि वन कर्मियों का कहना है कि जब से बाघ ने युवक पर हमला किया है, प्रतिदिन पेट्रोलियम की जा रही है। रेंजर निर्भय प्रताप शाही ने बताया कि बाघ पानी की तलाश में धोखे से किसान के खेत में पहुंच गया होगा। अब उसकी लोकेशन खेतों में नहीं मिल रही है। संभवत: बाघ खेतों से निकलकर गन्ने में होकर कठिना नदी की झाड़ी या फिर जंगल में चला गया होगा।