निघासन। दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन के उत्तर निघासन रेंज में लट्ठौआ इलाके में एक बाघ मृत पाया गया। वन विभाग ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। वन विभाग के मुताबिक बाघ की मौत आपसी संघर्ष में होने की आशंका जताई जा रही है।
मुर्तिहा गांव की आबादी से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर घने जंगल में बुधवार सुबह करीब 8:30 बजे वन विभाग की गश्ती टीम को एक वयस्क बाघ का शव दिखाई दिया। वनकर्मियों ने इसकी सूचना दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर बी प्रभाकर को दी। बाघ मरने की सूचना पर फील्ड डायरेक्टर बी प्रभाकर और बफर जोन के उपनिदेशक सुंदरेशा ने मौके पर पहुंचे।
निरीक्षण के बाद फील्ड डायरेक्टर ने बाघ की मौत किसी शक्तिशाली बाघ से संघर्ष के दौरान होने की आशंका जताई है। बाघ का पोस्टमार्टम तीन डाक्टरों के पैनल ने किया है। डॉक्टरों के पैनल में दुधवा टाइगर रिजर्व के पशु चिकित्सक डॉ. दया शंकर, कर्तनिया घाट के पशु चिकित्सक डॉ. दीपक वर्मा और निघासन के पशु चिकित्सक डॉ. एके सिंह शामिल थे।
श्वास नली फटने से हुई मौत
पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों के मुताबिक बाघ नर था और उसकी आयु करीब चार-पांच साल थी। उसके शरीर पर कई घाव पाए गए हैं। बाघ की मौत श्वास नली फटने से हुई है। कई अंदरूनी जख्म भी मिले हैं। इससे बाघ की मौत आपसी संघर्ष में होने की आशंका की पुष्टि हो रही है। जांच के लिए बिसरा सुरक्षित किया गया है। बाघ की मौत 24 से 36 घंटे पहले होने की आशंका है। बाघ के अंग सुरक्षित बताए जा रहे हैं। पोस्टमार्टम के समय राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के प्रतिनिधि के रूप में दुधवा नेशनल पार्क के उपनिदेशक डॉ. रंगाराजू टी, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के रोहित रवि मौजूद रहे।
लट्ठौहा में मृत मिला बाघ