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बाघ ने नीलगाय को बनाया निवाला, धरा रह गया पिंजड़ा और कैमरा

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ममरी। हैदराबाद थाना क्षेत्र के गांव झारा, भिम्मापुर, टीकापुर, परेली, ममरी, गोविंदापुर, बरगदिया, स्याहपारा के आसपास गन्ने के खेतों में आठ दिनों से विचरण कर रहे बाघ ने सोमवार सुबह परेली गांव के पश्चिम नीलगाय पर हमला कर मार डाला, जबकि वनकर्मियों का पिंजरा और कैमरा लगा ही रह गया, जिससे वहां फिर दहशत फैल गई। यहां से जंगल की दूरी महज पांच किमी है।
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परेली के मेवालाल, नितिन, मोहित, मोनू, बालगोविंद, किशोरीलाल आदि ने बताया कि सोमवार सुबह गांव के पश्चिम वेदप्रकाश के खेत में आए बाघ ने नीलगाय को मार डाला। जिससे खेत में गन्ना छील रहे मजदूरों में भगदड़ मच गई, जबकि बाघ शिकार के पास बैठा रहा। मजदूरों ने बाघ के हमले की सूचना प्रधान बिजेंद्र पटेल को दी। गांव वालों का कहना है कि बाघ को ट्रेंकुलाइज करने और तस्वीर कैद करने के लिए वनकर्मियों ने एक कैमरा और पिंजरा लगाया है, जो लगे ही रह गए, जिनका बाघ पर कोई प्रभाव नहीं है। प्रधान की सूचना पर पहुंचे फॉरेस्टर रामनरेश वर्मा, जगदीश वर्मा, अनिल, चौहान ने बाघ के हमले से अधखाया शव और पगचिह्न मिलने की पुष्टि कर बताया कि बाघ अभी गन्ने में मौजूद है। जिसकी निगरानी कराई जा रही है। उन्होंने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
वापस नहीं आई गंगाकली हथिनी, बढ़ रहा बाघों का आतंक
मोहम्मदी रेंज अंतर्गत हैदराबाद थाना क्षेत्र की आस किमी एरिया में एक महीने से दहशत का पर्याय बने बाघों को ट्रेंकुलाइज करने के लिए दुधवा पार्क से आयी गंगाकली हथिनी के वापस जाने, दूसरा हाथी अभी तक न आने से वनकर्मी संकट में फंसे हैं। हालत यह है कि बाघों का आतंक बढ़ता जा रहा है।
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कसबा ममरी, गोविंदापुर, धिरावां, स्यापारा, बरगदिया, परेली, झारा, भिम्मापुर, टीकापुर, रोशननगर, बुधेलीनानकार, नरसिंहपुर आदि स्थानों के ग्रामीणों का कहना है कि अब तो उन्हें गन्ने की छिलाई, खेती, किसानी करना भी मुश्किल है। आखिर कितने बाघ हैं। इस बारे में कोई बताने वाला नहीं है। रेंजर मोबीन आरिफ का कहना है कि बाघ के हमलों की सूचना बराबर अधिकारियों को दी जा रही है। दिक्कत यह है कि कांबिंग करने आई चार जनवरी को गंगाकली हथिनी आठ जनवरी को चली गई थी। उसके स्थान पर दूसरा हाथी अभी तक नहीं भेजा गया है। वनकर्मी और एसटीपीएफ जवान यदि गन्ने में ट्रैक्टर से कांबिंग करते हैं तो किसानों की फसल बर्बाद होती है। इसी कारण बाघ प्रभावित क्षेत्र के कई स्थानों पर कैमरे और पिंजड़े लगाये गए हैं। जिनमें बाघ फंस नहीं रहा है। ऐसे में हाथी के अलावा कोई विकल्प नहीं है।
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