बांकेगंज (लखीमपुर खीरी)। बफरजोन की भीरा रेंज में किसान को निवाला बनाने वाले हत्यारे बाघ की लोकेशन का पता लगाने के लिए निगरानी कर रही वन विभाग की टीम ने शुक्रवार को पूरे इलाके में ड्रोन कैमरे उड़ाए लेकिन उसकी लोकेशन नहीं मिल सकी। इस दौरान रेंजर भीरा राकेश बाबू वर्मा और फारेस्टर मोहम्मद उमर मौजूद रहे।
इधर, किसान की मौत के बाद गुरुवार शाम टाइगर रिजर्व के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर जाकर घटनास्थल का निरीक्षण किया।
बोझवा गांव निवासी मटरू लाल मौर्य (50) बुधवार शाम भीरा रेंज की बरूआ बीट जंगल से सटे पिपिरया भूड़ के निकट खेत में चारा लेने गया था। जब वह नहीं लौटा तो सुबह उसकी तलाश की गई। गुरुवार सुबह मटरू का शव गन्ने के खेत से बरामद हुआ। घटना के बाद वन विभाग की टीम क्षेत्र में बाघ की लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश कर रही है। इस दौरान दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर संजय पाठक, बफरजोन के उपनिदेशक डॉ. अनिल कुमार पटेल अन्य वनाधिकारियों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और मौजूदा स्थितियों का जायजा लिया। साथ ही निगरानी कर रही टीमों से बाघ की लोकेशन और गतिविधियों के बारे में जानकारी ली। अफसरों ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी।