बांकेगंज। भीरा-कुकरा जंगल मार्ग पर उल्ल नदी किनारे झाड़ियों से निकला एक बाघ बीच सड़क पर आ कर खड़ा हो गया। बीच सड़क पर खड़े बाघ को देख उधर गुजर रहे वाहन सवारों के पहिये थम गए। सड़क के बीच पर कुछ देर तक खड़े रहने के बाद बाद जंगल में जाकर ओझल हो गया, तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली। राहगीरों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी है।
शनिवार शाम करीब पांच बजे बांकेगंज कस्बा निवासी कमलेश, सुशील, संजय, नीरज आदि शनिवार शाम करीब पांच बजे चौपहिया वाहन से कुकरा-भीरा जंगल मार्ग होकर पलिया से वापस घर आ रहे थे। इस दौरान उन्हें उल्ल नदी से कुछ दूरी पर बीच सड़क पर एक बाघ खड़ा दिखाई दिया। यह देख उनके होश उड़ गए और चालक ने तेज ब्रेक लगाकर किसी तरह वाहन को रोका। प्रत्यक्षदर्शी कार सवारों के मुताबिक ब्रेक लगाने पर उनके पीछे और सामने से आ रहे कई चौपहिया और दो पहिया वाहन चालकों ने भी अपने वाहन खड़े कर लिए। इसमें सामने से आ रहा एक बाइक सवार युवक लड़खड़ाते हुए जमीन पर गिर गया। उन्होंने बताया कि बाघ के बीच सड़क पर खड़े होने के कारण दोनों ओर वाहनों की लंगी कतार लग गईं। बीच सड़क पर कुछ देर खड़े रहने के बाद बाघ वापस जंगल में छिप गया। तब जाकर राहगीरों ने राहत की सांस ली।
उधर इस बावत दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की भीरा रेंज के रेंजर राकेश बाबू वर्मा ने बताया कि भीरा-कुकरा जंगल मार्ग के उल्ल नदी का किनारा बाघ प्रभावित क्षेत्र है। शनिवार शाम एक बाघ के संबधित रोड पर आने की सूचना मिली है। वन कर्मियों की टीम बाघ की लगातार निगरानी कर रही हैं। फिर भी उधर से गुजरने वाले राहगीरों और वाहन सवारों को सतर्कता बरतनी चाहिए।