मैलानी। दुधवा टाइगर रिजर्व के मैलानी सेंक्चुरी जंगल में बृहस्पतिवार को अपने चाचा और अन्य के साथ लकड़ी बीनने गई एक किशोरी को बाघ ने हमला कर मार डाला। घटना के बाद साथ गया चाचा घर पहुंचकर बेहोश हो गया। किसी तरह मृतक युवती का शव घर लाया जा सका। मां और परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है।
थाना मैलानी क्षेत्र के कुरियानी गांव निवासी जयकरन की पुत्री पार्वती 16 वर्ष अपने चाचा महादेव और अन्य के साथ जंगल में लकड़ी बीनने गई थी। मैलानी-भीरा के बीच दमहा पुलिया के पास स्थित मैलानी सेंक्चुरी के जंगल में अचानक बाघ ने पार्वती पर हमला कर मार दिया। साथ गए लोगों ने पार्वती को बाघ से बचाने के लिए शोर मचाया, लेकिन बाघ पार्वती की जान लेने के बाद ही हटा।
मां रामदेवी ने बताया कि पार्वती करीब दो बजे लकड़ी बीनने जाने की बात कहकर घर से निकली थी और हादसा लगभग चार बजे हुआ। चाचा महादेव और साथ गए लोग पार्वती के शव को लेकर शाम को गांव पहुंचे। सूचना पाकर दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन मैलानी के वनदरोगा अरुण सिंह मय स्टाफ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि घटना मैलानी सेंक्चुरी क्षेत्र की है। एहतियातन जंगल के किनारे वनकर्मियों को लगा दिया गया है। विधायक रोमी साहनी ने कहा कि मृतका के परिजन की हरसंभव मदद की जाएगी।
बेहोश हो गया चाचा, एक किशोरी को आया बुखार
मैलानी। अपनी आंखों के सामने ही बाघ के हमले में अपनी भतीजी की मौत देखकर साथ गया चाचा महादेव घर पहुंचकर बाघ की दहशत से बेहोश हो गया और शाम छह बजे तक उसे होश नहीं आया था। पार्वती के साथ गई राम सहाय की 17 वर्षीय पुत्री मानू को भी बाघ की दहशत से बुखार आ गया। संवाद
पिता और भाई गए हैं काठगोदाम
मैलानी। पार्वती की मां घटना के बाद से रोते हुए कह रही थी कि गरीब, मजदूर पेशा होने के कारण पार्वती के पिता जयकरन और एकलौता भाई कुलदीप कमाने के लिए काठगोदाम गए हुए हैं। घर पर वह और पुत्रियां ही हैं। पुत्री की मौत के बाद वह दहाड़े मार-मारकर रो रही है। संवाद