धौरहा क्षेत्र के गांव जटपुरवा में बाघ को पकड़ने के लिए वन विभाग ने लगाया पिंजरा। वन विभाग
- फोटो : संवाद
धौरहरा। धौरहरा वन रेंज के जटपुरवा गोआश्रय स्थल से बाघ अब तक पांच गोवंशीय पशुओं का शिकार कर चुका है। अब यह इंसानों पर हमला करने लगा है। ग्रामीणों के मुताबिक, रात में बाघ की दहाड़ सुनाई देने से ग्रामीणों में भय का माहौल है।
वन विभाग ने इसे पकड़ने के लिए नहर के पश्चिम में पिंजरे और कैमरे लगाए हैं। लुधौरी वन रेंज की लौखनियां साइफन पर लकड़ी बीन रहे 21 वर्षीय करन और महावीरपुरवा गांव निवासी मुकेश के सात वर्षीय बेटे अशोक पर हमला करने वाला बाघ गांव के बाहर रातभर दहाड़ता रहा। बाघ की दहाड़ सुन ग्रामीणों में भय का माहौल है।
इसके पहले बाघ धौरहरा वन रेंज की जटपुरवा गोशाला में गोवंशीय पशुओं का शिकार कर चुका है। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग बाघ को पकड़ने के लिए संजीदा नहीं है। क्षेत्रीय वनाधिकारी लुधौरी गजेंद्र सिंह ने बताया कि हमलावर वन्यजीव बाघ नहीं तेंदुआ है। टीम निगरानी कर रही है। ग्रामीणों को सतर्क रहने और अकेले खेतों में न जाने की सलाह दी गई है।