लखीमपुर खीरी की मैलानी रेंज में हुई घटना, दहशत में ग्रामीण
दक्षिण खीरी वन प्रभाग के मैलानी रेंज जंगल से निकले एक बाघ ने आधे घंटे के अंदर दो बालिकाओं और उनकी मां के अलावा एक अन्य वृद्ध पर हमला कर दिया। इसमें चारों गंभीर रूप से जख्मी हो गए। बाघ के हमले से क्षेत्र में दहशत फैल गई। जटपुरा बीट की खीरी ब्रांच नहर पटरी पर बाघ के हमलों की दोनों घटनाएं महज डेढ़ सौ मीटर दूरी के बीच हुई हैं।
बांकेगंज के निकट गांव रमतलिया निवासी 60 वर्षीय रामकिशुन सुबह साइकिल से खीरी ब्रांच नहर पटरी से अपनी रिश्तेदारी में जा रहा था। तेज धूप के चलते एक पेड़ की छांव में बैठ गया। इस दौरान जंगल से निकले एक बाघ ने उस पर अचानक हमला कर दिया। रामकिशुन ने बचाव के लिए चिल्लाया तो आसपास के लोगों ने शोर मचाया, जिससे बाघ भाग गया। बाद में घायल रामकिशुन को राहगीरों ने बांकेगंज सीएचसी में भर्ती कराया ।
सूचना पर पहुंचे फारेस्ट गार्ड सुखपाल सिंह वहां से गुजर रहे लोगों को बाघ की मौजूदगी से आगाह कर ही रहे थे कि मैलानी की ओर से गांव बांकेपुर निवासी 30 वर्षीय महिला मैना देवी अपनी दो बेटियों के साथ पैदल वहां आ पहुंचीं। उसका पति अपने पांच साल के बेटे को साइकिल पर बैठाकर पीछे-पीछे आ रहा था। फारेस्ट गार्ड जब तक उन्हें आगे बढ़ने से रोकता तब तक बाघ ने सात वर्षीय किशोरी शिवानी पर हमला कर दिया। यह देखकर घबराई मां मैना देवी और दस वर्षीय बहन सपना ने शिवानी को बचाने की कोशिश की। मैना देवी दोनों बेटियों को पकड़कर वहीं बैठ गई। बाघ ने उन दोनों को भी पंजे मारकर घायल कर दिया। राहगीरों ने शोर मचाया तो बाघ उन्हें छोड़कर भागा। बाद में फारेस्ट गार्ड ने तीनों घायलों को इलाज के लिए सीएचसी भेजा। बाघ हमला करने के बाद कुछ दूरी पर बैठा गुर्राता रहा।
बाघ के हमले में रामकिशुन के सिर और पीठ में बाघ के पंजे लगने के गहरे घाव आए हैं। उसका बायां पैर भी टूट गया है। महिला मैना की कमर और पीठ में पंजे लगे हैं। शिवानी के पैर और सपना की पीठ में पंजे के गहरे निशान हैं।