फील्ड डायरेक्टर बी प्रभाकर, डीएफओ एस संदरेशा
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जैसा बयान, वैसी ही रिपोर्ट
नौ जून को मैलानी रेंज में बाघ का शव मिलने के बाद दुधवा के फील्ड डायरेक्टर ने दूसरे ताकतवर बाघ से आपसी संघर्ष में मौत होने की आशंका जताई थी। जांच में बाघ के सभी अंग सुरक्षित मिलने की बात कहते हुए अवैध शिकार से भी इनकार किया था।
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उसी रात सीएम योगी के आदेश पर जांच के लिए दुधवा पहुंचे वन मंत्री भी फील्ड डायरेक्टर के तर्कों को दोबारा था। मामले की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट भी इन्हीं बयानों के इर्द-गिर्द भेजी गई।
कतर्नियाघाट में दिखा घायल बाघ
रविवार को पूरे दुधवा टाइगर रिजर्व में सघन तलाशी अभियान चलाया गया तो कतर्नियाघाट में एक बाघ घायल हालत में दिखाई दिया। वह लंगड़ाता हुआ चलता नजर आया। उसका इलाज कराने के लिए उसे बेहोश करने की अनुमति मिल गई है।
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टाइगर रिजर्व के अधिकारियों ने बताया कि बाघ का रेस्क्यू करने के लिए उसकी लोकेशन ट्रेस की जा रही है। जल्द ही बेहोश कर उसका इलाज शूरू किया जाएगा। तीन बाघ और तेंदुए की मौत के बाद शुरू किए गए तलाशी अभियान में फील्ड स्टाफ के साथ एसटीपीएफ (स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स) के जवानों को भी लगाया गया है। यह अभियान दुधवा नेशनल पार्क, किशनपुर सेंक्चुरी, बफरजोन और कतर्नियाघाट वन्य जीव विहार में चलेगा।