तिकुनिया। खेत में खाद डालने गए किसानों को पर बाघ ने हमला कर दिया। बाघ गन्ने के खेत में छिपा बैठा था। बाघ ने अचानक खेत से निकलकर कविनगर गांव निवासी यादविंदर सिंह और मनजीत सिंह पर हमला कर दिया। इससे दोनों गंभीर घायल हो गए। किसानों के साथ गए मजदूरों और आसपास के किसानों के शोर मचाने पर बाघ जंगल की ओर भाग गया। दोनों घायलों को जिला अस्पताल भेजा गया है।
शुक्रवार शाम छह बजे ग्राम पंचायत दलराजनगर के मजरा गांव कविनगर निवासी यादवेंद्र सिंह (25) पुत्र कक्का सिंह और मनजीत सिंह (35) पुत्र सरजीत सिंह दो मजदूरों के साथ गन्ने के खेत में खाद डालने गए थे। सभी लोग मिलकर खेत में खाद डाल ही रहे थे, तभी उसी खेत में छिपे बाघ ने यादवेंद्र सिंह और मनजीत सिंह पर हमला कर दिया। यह देख मजदूरों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर सुनकर आसपास खेतों में काम कर रहे किसान इकट्ठा हो गए और शोर मचाने लगे। इससे घबराकर बाघ जंगल में भाग गया।
घायल दोनों किसानों को पहले निघासन सीएचसी ले जाया गया। वहां इनकी हालत गंभीर देखते हुए डाक्टर ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। सूचना पाकर पहुंचे मंझरापूरब वन चौकी प्रभारी रामनरेश सहित वनकर्मियों ने पहुंचकर खेतों में कांबिंग की। ग्रामीणों ने बताया कि एक दिन पहले बाघ ने एक गाय का शिकार किया था। इसकी सूचना वन विभाग को दी गई थी। बाघ के हमले से ग्रामीणों में रोष है।
उधर, मंझरा पूरब के वन चौकी प्रभारी रामनरेश ने बताया कि घटना के एक दिन पहले बाघ ने एक गाय को अपना निवाला बनाया था। इस बीच ग्रामीणों को सतर्क कर दिया गया था कि खेतों में न जाएं बाघ को कांबिंग कर जंगल में खदेड़ दिया गया था। ग्रामीणों को सचेत कर दिया गया था फिलहाल घायलों को जिला अस्पताल भेजा गया है।