तिकुनियां (लखीमपुर खीरी)। भारत-नेपाल सीमा पर बह रही मोहाना नदी के पार स्थित ग्राम चौगुर्जी के निकट बाघ ने भैंस पर हमला कर दिया और उसे अपना निवाला बना डाला, जबकि एक अन्य किसान की भैंस अभी गायब है। इससे ग्रामीणों में बाघ की दहशत है। वन विभाग के कर्मचारियों ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
ग्राम चौगुर्जी निवासी रामबालक और तथा जोगिंदर की भैंस शनिवार को जंगल के करीब स्थित खेतों में में चरने गई थी। भैंस शाम को वापस नहीं आई तो रविवार की सुबह दोनों पशुपालकों ने ग्रामीणों के साथ भैंस की खोजबीन शुरू की। मोहाना नदी के एक नाले में रामबालक की अधखाई भैंस मिली। रामबालक ने बताया कि उनकी भैंस गर्भवती थी। बाघ भैंस को निवाला बनाने के साथ बच्चा भी खा गया। उन्होंने घटना की सूचना सूचना उत्तर निघासन वनरेंज बेलरायां को दी। सूचना पाकर वन दरोगा सतीश कुमार, वनरक्षक राम शंकर पांडे मौके पर पहुंचे। वनकर्मियों ने ग्रामीणों को सतर्क रहने और समूह में खेतों की ओर जाने की अपील की है। जोगिंदर सिंह की भैंस अभी नहीं मिली है, जिसकी खोज की जा रही है। ग्रामीणों में बाघ की दहशत है। ग्रामीण खेतों की तरफ जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।