निघासन कस्बे के गुरुद्वारा में बैठक करते सिक्ख समाज के लोग। संवाद
निघासन। लुधौरी में हुई मारपीट की घटना के बाद से सिख समाज में आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। कस्बे के गुरुद्वारे में रविवार रात को बुलाई गई समाज की आपात बैठक में सेवादारों की पगड़ी उछाले जाने पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की गई।
वक्ताओं ने प्रशासन पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया। बैठक में एसडीएम राजीव निगम द्वारा आरोपियों को जल्दबाजी में जमानत देने पर गंभीर सवाल खड़े किए। आरोप लगाया कि बिना निष्पक्ष जांच और सिख समाज की भावनाओं को समझे आरोपियों को राहत प्रदान की गई। इससे पुलिस और प्रशासन की मंशा पर संदेह उत्पन्न होता है। एसडीएम राजीव निगम ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेशानुसार शांतिभंग की कार्रवाई में न्यायालय के द्वारा आरोपियों के अधिवक्ताओं की आेर से जमानत दी जाती है। जमानत के साथ निर्धारित अवधि में यदि आरोपी दोबारा शांति भंग करते हैं तो उनकी जमानत जब्त कर कार्रवाई की जाती है।