लखीमपुर खीरी। तीन साल पहले किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में अदालत ने गुड्डू को दोषी ठहराया है। एडीजे वीरेंद्रनाथ पांडे ने उसे तीन साल के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
चंदनचौकी के ग्राम बुद्धापुरवा निवासी गुड्डू चार अप्रैल, 2023 की रात एक किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। किशोरी के पिता ने अगले दिन गुड्डू के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने खोजबीन के बाद किशोरी को तलाश लिया।
अदालती सुनवाई के दौरान पीड़िता सहित नादिर, गुलनाज बानो, नीतू वर्मा, कांस्टेबल राजकुमार, एसआई संजीव कुमार और प्रभारी प्रधानाध्यापक कृष्ण कुमार राना ने बयान दिए।
इन बयानों से पुष्टि हुई कि घटना की तिथि पर पीड़िता अवयस्क थी। परिजनों ने बताया कि आरोपी बिना उनकी अनुमति के किशोरी को बरेली ले गया था। गुड्डू ने उसे कई दिनों तक अपने साथ रखा था।
मंगलवार को एडीजे वीरेंद्रनाथ पांडे ने फैसला सुनाया। अदालत ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और अपहरण के आरोपों को संदिग्ध पाया। हालांकि, नाबालिग किशोरी को उसके संरक्षक की अनुमति के बिना बरेली ले जाने के मामले में उसे दोषी ठहराया गया। इसी मामले में उसे तीन साल के कारावास और दो हजार रुपये जुर्माने की सजा दी गई। अदालत ने फैसले में स्पष्ट किया कि जुर्माने की पूरी रकम दो हजार रुपये पीड़िता को मुआवजे के रूप में दी जाएगी।