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चुनाव के वक्त तीन तलाक का मुद्दा उठाना गलत 

Mon, 06 Feb 2017 11:15 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
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Divorce
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कानून मंत्री के बयान पर मुस्लिम महिलाओं की प्रतिक्रिया 
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पढ़ी लिखी महिलाएं भी तीन तलाक के मुद्दे में शरीयत से अलग हटकर नहीं सोचती हैं। उनका कहना है कि धर्म के मामले में छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए। हालांकि उनका कहना है कि एक साथ बोलने के बजाए थोड़े अंतराल में दी गई तलाक जायज है, जिसे धर्म से जुड़ा कोई भी इंसान मना नहीं कर सकता। 
 
शरीयत के मामलों में छेड़छाड़ न हो
यह शरीयत का मामला है, इसमें छेड़छाड़ और फेरबदल की कोशिश न की जाए तो बेहतर होगा। शरीयत के मामलों में चुनावी स्टंट नहीं होना चाहिए। इस मुद्दे को उछालने से किसी का फायदा नहीं होगा। 
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- शहनाज खान, प्रधानाचार्य, एडमांटन पब्लिक स्कूल, पलिया
 
मुस्लिम महिलाओं के लिए तीन तलाक जायज
कुरान और हदीस को मानने वाले किसी और कानून को नहीं मानते। मुस्लिम महिलाओं के लिए शरीयत में तीन तलाक जायज है। सच्चे मुसलमान इसको मानते हैं और सम्मान करते हैं। 
नासिरा बेगम, गृहणी
 
चुनाव के वक्त ऐसे मुद्दे उछालना ठीक नहीं
तीन तलाक का मुद्दा गंभीर विषय है। यह मजहब और शरीयत से जुड़ा मामला है। ऐन चुनाव के वक्त इस मुद्दे को उछालना गलत है। मुसलमान शरीयत में दखलंदाजी बर्दाश्त नहीं कर सकता।
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रोशनजहां, युवा
 
अपने मजहब पर करते हैं अमल
अपने-अपने मजहब को अपने ढंग से मानने और उस पर अमल करने का सभी को अधिकार है। इस पर पूरी आजादी मिलनी चाहिए। इन मामलों में कोई हस्तक्षेप न कर सके इसके लिए कानून बने तो बेहतर है।
अफसाना, सीनियर सिटीजन
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