जिले की नौ चीनी मिलों में गन्ने की पेराई तेजी से कर रही हैं लेकिन तीन चीनी मिलें गन्ना एक्ट के मुताबिक गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं कर रहीं हैं। तमाम दावों के बावजूद गोला मिल ने पिछले पेराई सत्र का 12.05 करोड़ बकाए का भुगतान नहीं किया है। मौजूदा पेराई सत्र में भी बजाज ग्रुप की तीनों मिलें भुगतान करने में फिसड्डी हैं। वहीं सहकारी क्षेत्र की बेलरायां और संपूर्णानगर मिल ने भी भुगतान की गति धीमी कर दी है। लिहाजा छह मिलों पर भुगतान अवधि का 234.84 करोड़ रुपये बकाया हो चुका है जिसमें 1.55 करोड़ रुपये ब्याज का भी शामिल है।
बता दें कि सहकारी क्षेत्र की मिलों को छोड़ कर निजी क्षेत्र की सात चीनी मिलों ने नवंबर के अंतिम सप्ताह में पेराई सत्र की शुरुआत की थी। पेराई क्षमता के मुताबिक बजाज ग्रुप सबसे आगे है लेकिन भुगतान में सबसे पीछे। बताते चलें कि गन्ना एक्ट के मुताबिक मिलों को गन्ना खरीद की तिथि से 15 दिन के अंदर किसानों को भुगतान करना है, लेकिन बलरामपुर ग्रुप और डीएससीएल ग्रुप को छोड़ अन्य कोई पालन नहीं कर रहा है। गोला मिल ने तीन दिसंबर 2014 तक, पलिया ने दो दिसंबर 2014 और खंभारखेड़ा ने 30 नवंबर 2014 तक खरीदे गन्ना मूल्य का भुगतान किया है। जबकि सहकारी क्षेत्र की बेलरायां मिल ने 10 दिसंबर और संपूर्णानगर मिल ने 15 दिसंबर 2014 तक भुगतान किया है। इसी तर्ज पर ऐरा मिल ने 20 दिसंबर 2014 तक भुगतान किया है।
जिला गन्ना अधिकारी जगदीश चंद्र यादव ने बताया कि समय से भुगतान न करने
वाली मिलों को ब्याज के साथ भुगतान करना होगा, जिसके लिए ब्याज की भी गणना
की जा रही हैै। भुगतान में तेजी लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
शत प्रतिशत भुगतान
डीएससीएल ग्रुप की अजबापुर मिल ने गन्ना एक्ट की शर्तों के मुताबिक 100 फीसदी यानी 31 दिसंबर 2014 तक खरीदे गन्ना मूल्य का भुगतान कर दिया है। इसी तरह बलरामपुर ग्रुप की कुंभी और गुलरिया मिल ने भी 31 दिसंबर 2014 तक भुगतान कर दिया है। लिहाजा इन पर अवशेष निल है।
छह मिलों पर 234.84 करोड़ बकाया
गोला 67.43 करोड़
पलिया 61.87 करोड़
खंभारखेड़ा 58.66 करोड़
ऐरा 12.83 करोड़
बेलरायां 17.06 करोड़
संपूर्णानगर 16.95 करोड़