लखीमपुर खीरी। खेत की मेड़ तोड़ने और चकरोड पर कब्जे का विरोध करने पर ग्रामीण को गंभीर रूप से जख्मी करने के मामले में जिला जज शिवकुमार सिंह ने पिता-पुत्र सहित तीन आरोपियों को दोषसिद्ध पाया है। उन्हें पांच-पांच साल के कारावास की सजा सुनाई और प्रत्येक पर 20,500 रुपये जुर्माना भी लगाया गया है।
अभियोजन पक्ष ने बताया कि नीमगांव क्षेत्र के ग्राम ढकिया मदन में रहने वाले शिवकुमार के खेत पर पहुंचने वाले चकमार्ग को पड़ोसी खेत वाले आलोक पांडे और अशोक पांडे ने जोत लिया था। इसके बाद भी पड़ोसी मेड़ तोड़कर उसके खेत में बढ़ने लगा था, हालांकि उसने लेखपाल से पैमाइश करा ली थी, फिर भी पड़ोसी नहीं मान रहा था।
ट्रैक्टर से उसके खेत में अतिक्रमण कर जोताई किया था। विरोध करने पर छह मई 2013 को आलोक पांडे ने अपने लड़के इक्षांस पांडे उर्फ़ बड़े भैया और अपने भाई अशोक पांडे के साथ मिलकर हमला बोल दिया था। गंभीर रूप से शिवकुमार और उसके घर वालों को घायल कर दिया था।
अदालत ने बुधवार को फैसला सुनाते हुए तीनों को पांच-पांच साल के कारावास और प्रत्येक पर 20,500 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। इसमें कहा है कि वसूल किए गए जुर्माना की राशि में से आधी रकम पीड़ित को अदा की जाएगी।