लखीमपुर खीरी। जानलेवा हमले के साढ़े तीन साल पुराने मामले में जिला जज शिवकुमार सिंह ने पिता-पुत्र सहित तीन हमलावरों को 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। तीनों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। हमले में शामिल दो अन्य हमलावरों को सात-सात साल के कठोर कारावास और सात-सात हजार रुपये का जुर्माना भरने की सजा सुनाई है।
ईसानगर थाना क्षेत्र के ग्राम लाखुन निवासी मेवालाल के घर के पास उस्मान का मकान बना है। पास से ही नाली के पानी निकास को लेकर कहासुनी हुई तो इसकी नाराजगी में तीन जून 2022 की शाम आठ बजे तलवार, बांका, चाकू और लाठी डंडा लेकर उस्मान ने अपने लड़के मुन्ना उर्फ इमरान, चुन्ना उर्फ जुबराइल और पप्पू तथा सहरार खां के साथ घर में घुसकर धावा बोल दिया।
इस मामले में मेवालाल के लड़के अंकित ने जानलेवा हमले की नामजद रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि सहरार खां ने तलवार से मेवालाल के सिर पर मारकर जानलेवा हमला किया, तो मुन्ना ने बांका मारकर उसके भाई राजेश को घायल कर दिया। उस्मान ने चाकू रामू की छाती में घोपकर जानलेवा हमला किया था। इसमें अन्य लोगों ने भी गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडे से मारकर घर के सदस्यों व महिलाओं को जख्मी कर दिया था।
अदालती सुनवाई के दौरान अंकित कुमार, मेवालाल, रामू और डाॅक्टर देवेंद्र शर्मा, कांस्टेबल रियाज अहमद, दरोगा महेंद्र प्रताप यादव और राजेश ने अपने बयान दर्ज कराते हुए अभियोजन का समर्थन किया था। बृहस्पतिवार को जिला जज शिवकुमार सिंह ने फैसला सुनाते हुए पांचों हमलावरों को दोषी करार दिया। इनमें उस्मान, मुन्ना और सहरार खां को 10-10 साल के कठोर कारावास और 10-10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है, तो चुन्ना उर्फ जुबराइल और पप्पू को सात-सात साल के कठोर कारावास के साथ सात-सात हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई हैै।