लखीमपुर/ओयल। मेडिकल कॉलेज के अधीन जिला अस्पताल में चार में से तीन लिफ्ट बंद होने से मरीजों और तीमारदारों की परेशानी बढ़ गई है। तीन मंजिला अस्पताल में प्रतिदिन दो हजार से अधिक मरीज और तीमारदार आते हैं, लेकिन पूरे भवन में सिर्फ एक लिफ्ट संचालित होने से लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। कई मरीज और तीमारदार मजबूरी में सीढ़ियों का सहारा लेने को विवश हैं।
एमसीएच विंग के भूतल पर इमरजेंसी, पैथोलॉजी, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, पंजीकरण कक्ष और ओपीडी संचालित होती हैं। प्रथम तल पर आईसीयू, हीट स्ट्रोक, ईएनटी तथा महिला एवं पुरुष सर्जिकल वार्ड हैं। द्वितीय तल पर महिला, पुरुष, वृद्धजन, बच्चों के वार्ड और विभिन्न विभागों की ओपीडी संचालित होती है। तृतीय तल पर आयुष्मान, डीवीडी, बर्न, टीवी, त्वचा रोग और प्राइवेट वार्ड बनाए गए हैं।
अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके तीमारदारों को दवा, जांच और अन्य कार्यों के लिए दिन में कई बार ऊपर-नीचे जाना पड़ता है। ऐसे में तीन लिफ्ट बंद होने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। तीमारदारों का कहना है कि एकमात्र चालू लिफ्ट पर हर समय भीड़ रहती है और उसके भी खराब होने का खतरा बना हुआ है।
-
बेटी नुमरा को दिखाने आए थे। तीन लिफ्ट बंद हैं और एक ही चल रही है। इसी वजह से काफी भीड़ रहती है। यदि अन्य लिफ्ट जल्द सही नहीं हुईं तो अधिक दबाव से यह भी खराब हो सकती है।
-फुरकान, तीमारदार, ईसानगर
तीसरी मंजिल तक जाने के लिए दर्जनों सीढ़ियां चढ़नी-उतरनी पड़ती हैं। भीषण गर्मी में यह काफी मुश्किल होता है। बंद लिफ्टों को जल्द ठीक कराया जाना चाहिए।
-रसीद, तीमारदार, शेखनपुरवा
बंद पड़ी जिला अस्पताल की लिफ्ट। संवाद
बंद पड़ी जिला अस्पताल की लिफ्ट। संवाद