महेवागंज/ सुंदरवल। अहिराना गांव में शारदा नदी का कहर थम नहीं रहा है। बुधवार को यहां तीन और घर नदी में समा गए। वहीं, रमपुरवा में भी एक घर कट गया है। कटान पीड़ित सरिया, ईंट और चौखट निकालने के लिए अपने आशियानों पर ही हथौड़ा चला रहे हैं।
अहिराना में अब तक पचास से ज्यादा घरों को नदी निगल चुकी है। गांव में अफरा तफरी का माहौल है। बुधवार को संतोष, रोशन लाल और विनय के घर कट गए। वहीं, रमेश कुमार गौतम, नंदा देवी, राहुल, मैना देवी, मिठाई लाल, अनुरुद्ध, लखविंदर, अशोक,अनिल, विद्यासागर, हरिनाम, विनय कुमार, रामऔतार, जगदीश, प्रमोद ,रामदयाल, छोटेलाल, अनिल, राधेश्याम, शंकर राजकुमार, शिवानंद, परशुराम, विजयपाल, गोविंद, विनोद, लालवीर के घर नदी के निशाने पर हैं। नदी जिस तरह कटान कर रही है उससे का वजूद ही मिट जाने की आशंका है।
नरहर ग्राम पंचायत के रामपुरवा निवासी जय सिंह का घर भी नदी में समा गया। । ग्रामीणों ने बताया कि अधिकारी जल्द गांव खाली करने का निर्देश और आश्वासन की घुट्टी देकर लौट जाते हैं। कुछ को जगह मिली, लेकिन अधिकांंश के पास सिर छुपाने को जगह नहीं है। बुधवार को कोई अधिकारी गांव नहीं पहुंचा। घर-गृहस्थी का सामान बटोर कर पीड़ित दर-दर भटक रहे हैं।
बिजुआ में पहुंचे एसडीएम और विधायक
बिजुआ। रूरासुल्तानपुर, चकपुरवा, नयापुरवा में गोला विधायक अमन गिरी, एसडीएम रत्नाकर मिश्रा, तहसीलदार विनोद कुमार गुप्ता आदि बेलासिकटिहा का निरीक्षण करने पहुंचे। लगातार खबर छपने के बाद सिंचाई विभाग ने नया पुरवा में कटान रोकने के लिये बांस भेजे हैं। उधर, जलस्तर ज्यादा बढ़ जाने से भू आवंटन नहीं हो सका। जलस्तर बढ़ रहा है और रुरासुल्तानपुर में कृषि भूमि का कटान जारी है। कटान पीड़ितों के लिए खाने-पीने की व्यवस्था नहीं हो सकी है। स्वास्थ्य विभाग की भी टीम नहीं पहुंची है। पेयजल की भी किल्लत हो गई है। मामले में एसडीएम ने बताया कि सभी को मुकम्मल इंतजाम मुहैया कराए जाएंगे।
अहिराना मे कटान करती शारदा नदी