लखीमपुर खीरी में बृहस्पतिवार को आई आंधी से शहर के साथ ही जिले के करीब 1500 गांवों की बिजली ठप हो गई थी। शुक्रवार को पूरे दिन कर्मचारी फाल्ट दुरुस्त करने में जुटे रहे। लगभग एक हजार से अधिक गांवों की बत्ती को दुरुस्त कर सप्लाई शुरू करा दी है, लेकिन अभी भी करीब 250 से 300 गांव ऐसे हैं, जहां बिजली आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है।
बेहजम के करीब 50 गांव, महेवागंज क्षेत्र के 40 गांव, गोला क्षेत्र के 30 से 40 गांव हैं, जहां बिजली सप्लाई नहीं मिल सकी है। वहीं कैमहरा विद्युत उपकेंद्र क्षेत्र में भदूरा फीडर, लकेसर फीडर एवं कैमहरा कस्बा समेत लगभग 60 गांवों की बिजली गुल है। रुकुंदीपुर से ओदरहना तक 33 हजार की पूरी लाइन गिरी पड़ी है। कई गांवों में अभी तक काम तक शुरू नहीं हो सका। विभागीय अधिकारी कह रहे हैं कि लाइनों को दुरुस्त किया जा रहा है।
जिले में बृहस्पतिवार रात आंधी के कारण विद्युत लाइनों पर पेड़ गिरने और खंभे टूटने से लखीमपुर, गोला, सिकंदराबाद, मोहम्मदी, बेहजम, मझगई आदि क्षेत्रों के 1500 से ज्यादा गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी। विद्युत निगम पेड़ कटवाकर लाइनों को दुरुस्त करने में जुटा है। एक हजार से अधिक गांवों में बिजली आपूर्ति शुरू करा दी गई है।
बर्फ की बिक्री बढ़ी, 50 रुपये किलो बिकी
खीरी टाउन नगर पंचायत में बिजली का संकट भी बना है। भीषण गर्मी में बिजली नहीं आने की वजह से फ्रिज भी बंद हो गए हैं। इससे क्षेत्र में बर्फ की मांग एकाएक बढ़ गई है। 50 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बर्फ बेची जा रही है। लोग मजबूरी में खरीद रहे हैं।
मेन लाइन के सात खंभे टूटे, 25 गांव प्रभावित
शहर से सटे बनवारीपुर उपकेंद्र की मेन लाइन ही टूट गई। 33 हजार लाइन के सात और इसकी निचली लाइन के कई खंभे धराशायी हो गए। फूलबेहड़ ब्लॉक क्षेत्र के पिपरामरोडा, राजापुर, सांभर चौरा, अमकोटवा, सिंगानिया, गंगाबेहड़, बिदौरा, मिदनियां आदि दो दर्जन गांव में बिजली सप्लाई ठप हो गई थी।
गोला में 200 से अधिक खंभे धराशायी
गोला गोकर्णनाथ इलाके में आंधी के कारण मैलानी, सिकंदराबाद, बांकेगंज, हैदराबाद और शहर क्षेत्र सहित 200 खंभे धराशायी हो गए। पेड़ों की चपेट में आकर उपकेंद्रों को जाने वाली हाईटेंशन लाइन क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीण क्षेत्र की बिजली व्यवस्था ठप हो गई। शुक्रवार को शहर की बिजली बहाल कर दी गई। ग्रामीण क्षेत्र में लाइनों को दुरुस्त किया जा रहा है।