लखीमपुर खीरी। दो ग्रामीणों की हत्या के नौ साल पुराने मामले में एडीजे न्यू एफटीसी चिंताराम की अदालत ने तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। तीनों पर 16-16 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
एडीजीसी संदीप मिश्र ने बताया कि मैलानी थाना क्षेत्र में आठ जनवरी 2014 को बांकेगंज स्थित साइकिल की दुकान बंद करने के बाद मोहम्मद इरशाद अपने साथी सत्यपाल और जसकरन के साथ घर लौट रहे थे। गुलाबनगर मोड़ के पास गन्ने के खेत में छिपे चार बदमाशों ने चाकू और तमंचे से हमला बोल दिया था। इरशाद और सत्यपाल की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि बीच बचाव में जसकरन बुरी तरह घायल हो गया था। बदमाशों ने दो सौ रुपये और साइकिलें लूट ली थीं।
इरशाद के भाई कय्यूम अहमद ने चार बदमाशों के खिलाफ लूटपाट और हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस की तफ्तीश के दौरान अगले दिन ही पीलीभीत जिले के सेहरामऊ उत्तरी थाना क्षेत्र के ग्राम नेपापुर निवासी बुद्धपाल और शाहजहांपुर के निगोही थाना क्षेत्र के ग्राम बहादुरपुर निवासी नरसिंह यादव और रामबहोरे उर्फ गब्बर को लूटी गई साइकिलों और खून से सने चाकू के साथ गिरफ्तार किया था।
अदालती सुनवाई के दौरान गवाहों और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने तीनों को डबल मर्डर मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई है।