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तीन बच्चों की हत्या कर दी गई, घटना भुलाई नहीं जा सकती : अजय मिश्र

सार

04 एलकेएच 24,34तीन बच्चों की हत्या कर दी गई, घटना भुलाई नहीं जा सकती : अजय मिश्रतिकुनिया कांड : मृत किसानों की बरसी के एक दिन बाद मारे गए भाजपा कार्यकर्ताओं की श्रद्धांजलि सभा में पहुंचे केंद्रीय गृह राज्यमंत्री - हिंसा में मारे गए भाजपा कार्यकर्ता शुभम मिश्रा के घर पर हुई श्रद्धांजलि सभा संवाद न्यूज एजेंसीलखीमपुर खीरी। एक दिन बाद मंगलवार को उसी हिंसा में मारे गए तीन भाजपा कार्यकर्ताओं की याद में मृतक शुभम मिश्रा के गढ़ी रोड स्थित घर पर श्रद्धांजलि सभा हुई, जिसमें टेनी समेत तमाम भाजपा कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। लेकिन कुछ ऐसे लोग, जो माहौल बिगाड़ने व संकुचित तरह के वातावरण बनाने में माहिर हैं, इनकी हत्या कर दी।
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शुभम मिश्रा को श्रद्धांजलि देते अजय मिश्र टेनी।
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तिकुनिया कांड : मृत किसानों की बरसी के एक दिन बाद मारे गए भाजपा कार्यकर्ताओं की श्रद्धांजलि सभा में पहुंचे केंद्रीय गृह राज्यमंत्री
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हिंसा में मारे गए भाजपा कार्यकर्ता शुभम मिश्रा के घर पर हुई श्रद्धांजलि सभा
लखीमपुर खीरी। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी ने कहा कि एक साल पहले तिकुनिया हिंसा में तीन युवकों की हत्या कर दी गई। अराजक तत्वों ने घटना को अंजाम दिया। इसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन बच्चों के लिये मैं श्रद्धासुमन अर्पित करता हूं। टेनी मंगलवार को हिंसा में मारे गए भाजपा कार्यकर्ता शुभम मिश्र के घर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए।
तीन अक्तूबर को तिकुनिया के कौड़ियाला गुरुद्वारा में तिकुनिया हिंसा में मारे गए चार किसानों और एक पत्रकार की याद में संयुक्त किसान मोर्चा की ओर बरसी कार्यक्रम हुआ। एक दिन बाद मंगलवार को उसी हिंसा में मारे गए तीन भाजपा कार्यकर्ताओं की याद में मृतक शुभम मिश्रा के गढ़ी रोड स्थित घर पर श्रद्धांजलि सभा हुई, जिसमें टेनी समेत तमाम भाजपा कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
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इस दौरान टेनी ने शुभम मिश्रा समेत अन्य दो भाजपा कार्यकर्ता हरिओम व श्यामसुंदर निषाद को श्रद्धांजलि दी। कहा कि पिछले साल तीन अक्तूबर को इन तीन बच्चों की बर्बरतापूर्वक हत्या कर दी गई। तीनों बच्चे शहीद हो गए। इन बच्चों का जीवन शुरू ही हुआ था। वह ऐसे पुष्प थे, जिनकी आगे विकसित होने की संभावनाएं थीं। लेकिन कुछ ऐसे लोग, जो माहौल बिगाड़ने व संकुचित तरह के वातावरण बनाने में माहिर हैं, इनकी हत्या कर दी। यह ऐसी घटना थी, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।
बता दें कि एक दिन पहले सोमवार को ही भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत किसानों की श्रद्धांजलि सभा में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी को तिकुनिया हिंसा का मुख्य साजिशकर्ता बताया था। उनकी पद से बर्खास्तगी और गिरफ्तारी की मांग की थी।
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मृतक की मां की नहीं बनी पेंशन
तिकुनिया हिंसा में मारे गए भाजपा कार्यकर्ताओं के परिजन सरकार से रुख से संतुष्ट नहीं हैं। हिंसा के दौरान थार गाड़ी चला रहे फरधान निवासी हरिओम मिश्र के परिजनों का कहना है कि सिर्फ 45 लाख रुपये का मुआवजा मिला है। मृतक की बुजुर्ग मां की वृद्धावस्था पेंशन नहीं बन सकी है।
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