एक कोटेदार पर रिपोर्ट, तीन के अनुबंध निलंबित
शहर के तीन कोटेदारों को आरोपपत्र जारी
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कार्यों में लापरवाही बरतना कई आपूर्ति कर्मियों को महंगा पड़ा है। डीएसओ डॉ. राकेश तिवारी ने इस मामले में तहसीलों में तैनात दो पूर्ति लिपिकों को पूर्ति कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। जबकि वितरण में अनियमितता बरतने में एक कोटेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। तीन कोटेदारों के अनुबंधपत्र निलंबित किए गए तो शहर के तीन कोटेदारों को आरोप पत्र जारी किए गए हैं।
जिला पूर्ति अधिकारी डॉ. राकेश तिवारी ने बताया कि खाद्य सुरक्षा के कार्यों में लापरवाही बरतने के आरोप में मोहम्मदी तहसील में कार्यरत आपूर्ति लिपिक जगदंबा दीक्षित और निघासन तहसील के आपूर्ति लिपिक प्रमोद कुमार अनिल को प्रशासनिक आधार पर जिला पूर्ति कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। संतोष कुमार श्रीवास्तव के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई शुरू की गयी है।
उन्होंने बताया कि ग्रामसभा बरखेरा के उचित दर विक्रेता विश्राम और तहसील मोहम्मदी के उचित दर विक्रेता निरंकार पांडेय, निघासन तहसील के ढखेरवा खालसा के उचित दर विक्रेता के विरुद्ध खाद्यान्न वितरण में अनियमितता बरते जाने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कराया गया है।
डीएसओ ने आवश्यक वस्तुओं के वितरण में अनियमितता बरतने पर ग्राम खजुरिया के कोटेदार इस्ताखाबुल्ला खान, मियांपुर के गोपाल सरकार, मोहम्मदपुर ताजपुर के वारिस अली के अनुबंधपत्र निलंबित किए हैं। शहर के हाथीपुर के कोटेदार मनीष कुमार, शिवपुरी के कोटेदार हरिनारायण गुप्ता और केंद्रीय उपभोक्ता भंडार नंबर के डिपो नंबर छह को आरोप पत्र जारी किए गए।
डीएसओ ने बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के अंतर्गत प्रतिमाह एक दुकान के वितरण की जांच संबंधित खंड विकास अधिकारी करेंगे। डीएम ने इस आशय के पत्र सभी बीडीओ को जारी कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत खाद्यान्न वितरण मे धांधली करने वाले कोटेदार बख्शे नही जाएंगे।