लखीमपुर खीरी। किशोरी को फुसलाकर अगवा करने और दुष्कर्म के 19 साल पुराने मामले में बुधवार को एडीजे भूलेराम ने तीन सगे भाइयों को सात-सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। सुफियान पर 31 हजार और अन्य दो दोषियों पर 16-16 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। वसूली गई जुर्माना राशि का 75 प्रतिशत पीड़िता को दिया जाएगा।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, ईसानगर क्षेत्र के एक गांव की 15 वर्षीय किशोरी 21 फरवरी, 2007 की शाम शौच के लिए गई थी। आरोप था कि भादईपुरवा निवासी तीन सगे भाई सूफियान, अजीज और अनीश उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ रुद्रपुर सालिम ले गए और बालकराम के कमरे में रखा। बाद में दूसरे स्थान पर ले जाकर पांचवें साथी मुख्तियार के साथ मिलकर किशोरी से दुष्कर्म किया।
परिजन किशोरी की तलाश करते रहे। इस बीच आरोपी उसे धमकाकर सिविल कोर्ट में शादी की लिखा-पढ़ी के लिए लाए। वहां वकीलों के हंगामे के बाद आरोपी किशोरी को छोड़कर भाग गए। बाद में किशोरी के भाई ने ईसानगर थाने में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने विवेचना के बाद पांचों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। सुनवाई के दौरान पीड़िता और उसके भाई के साथ डॉ. दीपा शर्मा, डॉ. वीके वर्मा, एसआई राज बहादुर और सुरेंद्र पाल सिंह ने बयान दर्ज कराए। अदालती कार्यवाही के बीच आरोपी मुख्तियार के भाग जाने पर कोर्ट ने उसकी फाइल अलग कर दी।
बुधवार को अदालत ने फैसला सुनाते हुए सुफियान को दुष्कर्म और अनीश व नसीम को अपराध में सहयोग के लिए दोषी करार देकर तीनों को सात-सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। बालकराम मौर्य को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया। सुफियान पर 31 हजार और अन्य दोनों दोषियों पर 16-16 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। अदालत ने वसूली गई जुर्माना राशि का 75 प्रतिशत पीड़िता को देने का आदेश दिया।