मैगलगंज। पुलिस ने वन विभाग की टीम के साथ कार्रवाई करते हुए दोमुंहे सांपों की तस्करी के आरोप में तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो जीवित दोमुंहे सांप (रेड सैंड बोआ), चार मोबाइल फोन और मारुति सुजुकी अर्टिगा कार बरामद करने का दावा किया है।
पुलिस को गश्त के दौरान रहजनिया अंडरपास के पास सफेद रंग की संदिग्ध अर्टिगा कार खड़ी दिखाई दी। पुलिस को देखकर वाहन के पास खड़ा एक व्यक्ति कार में बैठने लगा। संदेह होने पर पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। कार में मौजूद अन्य पांच लोगों में से तीन अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गए।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान मोनू सिंह निवासी कासीमाबाद, अंकित मौर्य निवासी बड़ोरा और पुष्कर सिंह उर्फ सोल्जर निवासी पहाड़ीपुर, जिला गाजीपुर के रूप में हुई। पूछताछ में आरोपियों ने कार में दोमुंहे सांप होने की जानकारी दी। तलाशी में कार से सफेद प्लास्टिक का थैला मिला। थैला खोलने पर उसमें दोमुंहा रेड सैंड बोआ सांप बरामद हुआ। आरोपियों ने बताया कि वे दोमुंहे सांप बेचने के लिए आए थे। सांपों को वन विभाग के सुपुर्द कर दिया गया।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की है। बरामद कार को भी रिपोर्ट में शामिल किया गया है। भागे आरोपियों की पहचान गुड्डू उर्फ जलील खां, अफजाल और पवशाल के रूप में हुई है।
-
परिजनों ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
दोमुंहे सांप की तस्करी के मामले में जेल भेजे गए युवकों के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। गिरफ्तार अंकित मौर्य के चाचा राधामोहन मौर्य ने दावा किया कि तीनों युवक विशाल के कहने पर मैगलगंज क्षेत्र में रुपये लेने के लिए घर से निकले थे। उनके अनुसार, रुपये देने के लिए गुड्डू उर्फ जलील ने उन्हें मैगलगंज क्षेत्र के एक पेट्रोल पंप पर बुलाया था। वहां पहुंचने के कुछ देर बाद पुलिस की सरकारी गाड़ी आई और पुलिसकर्मी तीनों युवकों को अपने साथ ले गए, जबकि जलील वहां से चला गया। राधामोहन मौर्य का आरोप है कि तीनों युवकों को मैगलगंज में एक निजी मकान में रखा गया। वहां उनसे घर फोन कर यह बताने के लिए कहा गया कि उनकी गाड़ी से दुर्घटना हो गई है और एक बच्ची की मौत हो गई है। आरोप है कि युवकों ने दबाव में परिजनों से रुपये मंगवाए और करीब दो लाख रुपये एक बैंक खाते में ट्रांसफर कराए गए। परिजनों के मुताबिक, जिस खाते में रकम भेजी गई, वह साहिल सोनी के नाम से संचालित बताया गया है।
परिजनों के अनुसार, पकड़े गए युवकों में शामिल सोल्जर के एक रिश्तेदार क्राइम ब्रांच में तैनात हैं। घटना की जानकारी मिलने पर उन्होंने युवकों से रुपये मांगने वालों से बात कराने या मृत बच्ची के परिजनों का क्यूआर कोड उपलब्ध कराने को कहा। आरोप है कि इसके बाद युवकों के साथ मारपीट की गई और उन्हें धमकाया गया कि फर्जी मामले में जेल भेज दिया जाएगा या एनकाउंटर कर दिया जाएगा।
परिजनों के दावे के मुताबिक, अगले दिन सुबह करीब पांच बजे तीनों युवकों को बाहर निकाला गया और उनकी कार में दोमुंहा सांप रख दिया गया। इसके बाद उन्हें वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के मामले में जेल भेज दिया गया।
वर्जन
अन्य आरोपियों की तलाश में टीमें लगी हैं। परिजनों के जो रुपये संबंधी आरोप हैं, उनकी गहनता से जांच कराई जा रही है। परिजनों के बयान और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-यादवेंद्र यादव, सीओ मितौली