लखीमपुर खीरी। रमजान का मुकद्दस महीना चल रहा है। जिले के रोजेदारों के लिए इस बार का सबसे लंबा रोजा 13 घंटे 57 मिनट का होगा। ये सबसे आखिरी यानी 30वां रोजा होगा।
रमजान के इस पाक महीने में मुस्लिम समाज के लोग रोजा रखते हैं। इनमें महिलाएं, पुरुष, बुजुर्ग व युवा सभी शामिल हैं। शनिवार शाम चांद दिखने के बाद रविवार से तकरीबन हर अकीदतमंद लोग रोजा रख रहे हैं। रोजे के साथ रात में तरावीह की नमाज भी अदा की जा रही है। छोटी–बड़ी सभी मस्जिदों में इसका इंतजाम किया गया है।
इस बार शहर में पहले रोजे की सहरी सुबह 5 बजकर तीन मिनट पर खत्म हुई और इफ्तार शाम 6 बजकर 11 मिनट पर किया गया। इस लिहाज से पहले रोजे की अवधि 13 घंटे 8 मिनट रही। यहीं से इस बार के रमजान की शुरुआत हुई। अब इसी तरह सहरी खत्म होने का टाइम कम होता जाएगा और इफ्तार करने का वक्त बढ़ता रहेगा।
जारी किए गए रमजान कैलेंडर और इस्लामी जानकारों के मुताबिक 29वें रोजे की सहरी खत्म का वक्त सुबह 4 बजकर 31 मिनट है, वहीं इफ्तार 6 बजकर 27 बजे शाम को होगा। इस हिसाब से यह रोजा 13 घंटे 56 मिनट तक रखा जाएगा। इसी तरह अगर 30वां रोजा रखा गया तो उसकी खत्म सहरी सुबह 4 बजकर 30 बजे होगी, जबकि इफ्तार 6 बजकर 27 बजे किया जाएगा।
इसलिए इस आखिरी रोजे की अवधि में एक मिनट का और इजाफा होगा। मतलब, ये रोजा कुल 13 घंटे 57 मिनट का होगा। अगर 30वां रोजा न हुआ और ईद हो गई तो 29वां रोजा ही इस बार का सबसे बड़ा माना जाएगा।