ऐतिहासिक चैती मेला के सांस्कृतिक मंच पर आयोजित स्कूली बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने गीत और नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। विजेता विद्यालय को अतिथियों ने ट्रॉफी देकर पुरस्कृत किया।
मेला के सांस्कृतिक मंच पर मुख्य अतिथि महेंद्र कुमार त्रिपाठी, कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. गुरुदीप सिंह, विशिष्ट अतिथि प्रीतम सिंह, विमलेश मिश्र और अनिल टंडन ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। नगर पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी अग्रवाल ने अतिथियों को स्मृति चिह्न देकर आभार जताया। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती शिशु मंदिर के विद्यार्थियों ने सरस्वती वंदना से की। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के विद्यार्थियों ने जय हो और राष्ट्र एकता पर मूक एकांकी प्रस्तुत कर दर्शकों को एकता का संदेश दिया। गुरु तेग बहादुर एकेडमी ने जलवा तेरा जलवा और गणपति बप्पा मोरया, शारदे ज्ञान मंदिर ने म्यूजिक बजेगा लाउड तो राधा नाचेगी, फ्यूचर टेक एकेडमी ने फिल्मी धुनों पर नृत्य, आदर्श जनता शिशु विद्यालय ने मैं बरसाने की छोरी और मां तुझे सलाम, संस्कार विद्या मंदिर ने बम भोले बम, रघुपति राघव राजाराम, फलक चिल्ड्रेन एकेडमी के विद्यार्थियों ने रिद्धि सिद्धि होती है तेरे आने से और कन्हैया तेरे प्यार में हम लुट गए बीच बाजार में प्रस्तुत कर दर्शकों को थिरकने पर मजबूर कर दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में निर्णायक मनोज कुमार त्रिवेदी, रजनीश कुमार और राजेश कुमार वर्मा ने आदर्श जनता शिशु विद्यालय को प्रथम, सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज को द्वितीय और संस्कार विद्या मंदिर को तृतीय स्थान दिया। विजेताओं को नगर पालिका अध्यक्ष ने ट्रॉफी देकर पुरस्कृत किया। कार्यक्रम का संचालन करने वाले सरस्वती शिशु मंदिर के कक्षा आठ के छात्र सृजल पांडे को सफल संचालन के लिए ट्राफी दी गई।
इस मौके पर शैलेंद्र सक्सेना, मुनेंद्र दत्त शुक्ल, मोहन कुमार तायल, राजकुमार कश्यप, संजय तिवारी, श्याम किशोर अवस्थी, राजेश कश्यप, महेंद्र वर्मा, कामिनी सक्सेना, राजेश सक्सेना, आनंद प्रकाश शुक्ला, संजीव शुक्ला, आलोक तिवारी, विनय प्रकाश शुक्ल, कफील, इमरान मलिक, भोली गिरि, पंकज गुप्ता, काशी विश्वनाथ तिवारी, कनक तिवारी, रफी अहमद, मनोज श्रीवास्तव, सुशील गिरि और नगर पालिका परिषद के अधिकारी, कर्मचारी मौजूद रहे।
पुलिस निष्क्रिय, उचक्के सक्रिय
स्कूली बच्चों के कार्यक्रम के दौरान कुछ उचक्के कुर्सियों के ऊपर खड़े होकर डांस और हूटिंग करने लगे। आयोजक मंडल के लोगों ने पुलिस को व्यवस्था संभालने के लिए तलाशा लेकिन वहां कोई पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था। दो होमगार्डों ने बमुश्किल व्यवस्था को संभालने का प्रयास किया फिर भी अव्यवस्था हावी रही जिस पर पालिकाध्यक्ष ने कड़ा रुख अपनाते हुए मेला प्रभारी को खरी खोटी सुनाई।