लखीमपुर खीरी। शहर की बैंक ऑफ बड़ौदा की मुख्य शाखा में स्ट्रांग रूम न कटने से चोरी की बड़ी घटना टल गई। शनिवार की रात चोर खिड़की में लगी लोहे की सरिया काटकर बैंक शाखा में घुस गया और स्ट्रांग रूम आदि काटने का प्रयास किया। गनीमत रही कि रविवार दोपहर क्लोजिंग होने के कारण बैंक कर्मचारी जब बैंक पहुंचे तो चोर देखकर उनके होश उड़ गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मौके से लोहे का कांटा बंधी करीब 20 फिट रस्सी, कटर आदि औजार बरामद किए हैं।
बैंक ऑफ बड़ौदा की मुख्य शाखा थरवरनगंज में है। शनिवार को कामकाज निपटाने के बाद कर्मचारी घर चले गए। रात में किसी समय एक चोर खिड़की में लगी लोहे की सरिया काटकर बैंक के अंदर घुस गया। उसने लॉकर्स आदि काटने और तोड़ने की कोशिश की, लेकिन कामयाब नहीं हो सका। अगले दिन रविवार होने के कारण वह बैंक में ही रुक गया। उसे यह अंदाजा नहीं था कि रविवार को बैंक कर्मचारी आ सकते हैं।
क्लोजिंग होने के कारण बैंक के मुख्य शाखा प्रबंधक अमित कुमार जैन रविवार की दोपहर करीब 12.30 बजे बैंक पहुंचे। चपरासी सुशील कुमार ने मुख्य गेट का ताला खोला। जैसे ही कर्मचारी अंदर गए तो उनकी नजर ऋण विभाग की केबिन में टेबिल के पास रखे बैग पर पड़ी। जब झांककर देखा तो टेबिल के नीचे चोर बैठा था। यह देख सभी दंग रह गए। शोरशराबा करते हुए मुख्य गेट बंद कर दिया और पुलिस को सूचना दी।
सीओ सिटी एसएन तिवारी, प्रभारी निरीक्षक सदर सुनील कुमार सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आरोपी सदर कोतवाली के गांव चंदपुरा निवासी हाफिज को गिरफ्तार कर लिया। मौके से बरामद बैग में कटर, 11 प्लेट, लोहे की ब्लेड, रिंच, प्लास, एक हुक (लोहे का कांटा) लगी करीब 20 फीट रस्सी बरामद हुई। पुलिस ने बैंक के मुख्य शाखा प्रबंधक अजीत कुमार जैन की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
पकड़ा गया चोर 11 साल पहले ग्रिल कारोबारी था
लखीमपुर खीरी। बैंक ऑफ बड़ौदा में चोरी के आरोप में पकड़ा गया चंदपुरा निवासी हाफिज कभी ग्रिल आदि बनाने और बेचने का काम करता था, लेकिन कर्ज अधिक होने और व्यापार चौपट होने के कारण वह अर्स से फर्श पर आ गया था। वर्ष 2009 में उसने अपराध की दुनियां में पैर रखा और चरस बरामद होने पर पहली बार जेल भेजा गया था।
लगभग 11 साल पहले गांव चंदपुरा निवासी हाफिज की शहर से सटे गांव छाउछ के पास ग्रिल आदि बनाने की दुकान थी। उसका काफी अच्छा व्यापार चल रहा था, लेकिन धीरे-धीरे व्यापार चौपट हो गया। इससे उसके ऊपर शहर की विजया बैंक का करीब आठ लाख रुपये और लोगों से लिया गया सात लाख रुपये का कर्ज था। सदर कोतवाली पुलिस ने उसे वर्ष 2009 में चरस के साथ गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
बताते हैं कि जेल से छूटने के बाद हाफिज ने इधर-उधर ग्रिल बनाने वाली कई दुकानों पर काम किया। वह सालों से डीसी रोड स्थित कांशीराम कॉलोनी में रहता आ रहा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हाफिज ने सोचा कि यदि वह किसी बैंक में घटना करने में सफल हो गया तो सारा कर्ज एक बार में ही अदा कर देगा और उसकी भी जिंदगी आराम से कटेगी, लेकिन बैंक कर्मियों के अचानक पहुंचने से वह अपने मकसद में सफल नहीं हो सका।
पुलिस गश्त पर उठे सवाल
बैंक की खिड़की में लगी लोहे की सरिया काटकर चोर के बैंक में घुसने की घटना ने जेल गेट चौकी पुलिस की गश्त व्यवस्था को सवालों के घेरे में ला दिया है। आसपास के लोगों की मानें तो सदर कोतवाल की सरकारी गाड़ी तो रात में कम से कम दो बार हूटर बजाते निकलती है, लेकिन बाइकों से पुलिस रात में गश्त करती नहीं दिखती। घटना के बाद से आसपास के लोगों में चोरों की दहशत है।
अंदाज बेहद शातिराना, पूछताछ में जुटी पुलिस
बैंक ऑफ बड़ौदा में चोरी की नीयत से घुसे पकड़े गए गांव चंदपुरा निवासी हाफिज के खिलाफ सदर कोतवाली में सिर्फ एनडीपीएस एक्ट के तहत एक मामला वर्ष 2009 में दर्ज हुआ था। इसके अलावा उसका अब तक कोई आपराधिक इतिहास नहीं मिला है। पुलिस आसपास के थानों और जिलों से उसका आपराधिक इतिहास दिखवा रही है, लेकिन खासबात यह है कि हाफिज के पास मिले औजारों से वह काफी शातिर लग रहा है। लोहे के चार नुकीले कोनों के हुक में बंधी रस्सी आदि देखकर पुलिस भी हैरत में है।
एसबीआई कृषि शाखा की फुटेज भी खंगालेगी पुलिस
करीब दो साल पहले शहपुरा कोठी से नौरंगाबाद रोड पर स्थित एसबीआई की कृषि शाखा में चोरी की कोशिश की गई थी। इस चोरी में भी जो तौर तरीके अपनाए गए थे वह बिल्कुल बैंक ऑफ बड़ौदा की तर्ज पर थे। बैंक के सीसीटीवी फुटेज में उस वक्त एक ही चोर दिख रहा था। पुलिस को शक है कि हाफिज ने ही इस बैंक में घटना को अंजाम दिया होगा। पुलिस अब उस समय के फुटेज प्राप्त करने की कोशिश कर रही है।
कई दिनों से कर रहा था रेकी
पुलिस हाफिज से पूछताछ कर रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, वह कई दिनों से बैंक शाखा की रेकी कर रहा था। उसने शनिवार का दिन इसलिए चुना कि अगले दिन रविवार की बैंकों में छुट्टी रहती है। इससे उसे चोरी करने का काफी वक्त मिलता, क्योंकि बैंक सोमवार को खुलता।
बैंक की खिड़की में लगी लोहे की सरिया काटकर चोर बैंक के अंदर घुसा था। स्ट्रांग रूम आदि काटने की कोशिश की गई थी। चोर को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया है। बैंक के मुख्य शाखा प्रबंधक की तहरीर पर रिपोर्ट भी दर्ज कर ली गई है। उसके खिलाफ सदर कोतवाली में एनडीपीएस एक्ट का एक मामला दर्ज है। आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। - सुनील कुमार सिंह प्रभारी निरीक्षक कोतवाली सदर
क्लोजिंग का दिन था। रविवार की दोपहर में अपने कर्मचारियों के साथ बैंक आया था। अंदर जाने पर देखा तो आरोपी टेबिल के नीचे छुपा बैठा था, जिसे पुलिस को बुलाकर सौंप दिया है। बैंक में कैश कितना था। यह अभी बता पाना संभव नहीं है। - अजीत कुमार जैन, मुख्य शाखा प्रबंधक, बैंक ऑफ बड़ौदा मुख्य शाखा थरवरनगंज
बैंक में घुसा गमछे से मुंह बंद किए खड़ा चोर।- फोटो : LAKHIMPUR