दुधवा नेशनल पार्क कर्मियों का आंदोलन तो स्थगित हो गया पर पर्यटन को पर नहीं लग पाए हैं। आलम ये है कि यहां सन्नाटा पसरा हुआ है। शुक्रवार को सैलानियों की तादाद इक्का-दुक्का ही दिखी, लेकिन शनिवार को यहां अच्छी तादाद में सैलानियों के आने की उम्मीद है।
बुधवार से दुधवा के कर्मियों ने पर्यटन को भी बंद कर दिया था। इसके बाद यहां ठहरे 50 से ज्यादा सैलानियों को मायूस होकर वापस जाना पड़ा था। विवाद को देखते हुए अगले दिन कोई भी सैलानी यहां नहीं आया। बृहस्पतिवार को कर्मचारी एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय पदाधिकारियों और सदस्यों के बीच बातचीत हुई और दोपहर बाद पर्यटन शुरू कर दिया गया। इसके बाद शाम को कर्मियों ने आंदोलन स्थगित करने का भी एलान कर दिया। पर्यटन शुरू हो गया और आंदोलन स्थगित लेकिन सैलानी नहीं आए और बृहस्पतिवार सन्नाटे में ही गुजर गया। शुक्रवार की सुबह की शिफ्ट में सिर्फ दो सैलानियों को ही भ्रमण कराया गया। साझा कुटीर से लेकर सभी थारू हटों पर ताला लटकता रहा । रिसेप्शन काउंटर और म्यूजियम में भी सन्नाटा पसरा रहा। बुकिंग के मुताबिक यहां शनिवार को सैलनियों की खासी भीड़ होगी। कर्मियों के मुताबिक यहां विभिन्न स्थानों से करीब 65 सैलानी आ रहे हैं जो पार्क का भ्रमण करेंगे। आगे भी सैलानियों की ये तादाद बढ़ने के आसार जताए जा रहे हैं।