लखीमपुर खीरी। जिले में तेजी से बुखार पैर पसार रहा है। हर घर में कोई न कोई बुखार से ग्रसित है। इसके बावजूद कई गांव ऐसे हैं, जहां न तो सफाई की जा रही है न ही एंटी लार्वा का छिड़काव। न ही स्वास्थ्य कैंप लगे। हालांकि, पंचायत विभाग का दावा है कि जनपद भर में सफाई के साथ ही एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जा रहा है।
शहर से सटे गांव सुआगाड़ा का सबसे बुरा हाल है, जिसकी अनदेखी की रही है। यहां न तो सफाई कर्मचारी आता है और न ही प्रधान और सचिव गांव का हाल जानने पहुंचते हैं। गांव की मुख्य सड़क पर कचरा और गंदा पानी भरा है। नालियों में कूड़ा भरा है। गंदगी की वजह से मच्छरों की भरमार है। काफी लोग बुखार से भी पीड़ित है, लेकिन आज तक यहां एंटी लार्वा का छिड़काव नहीं कराया गया न ही कोई स्वास्थ्य कैंप लगा। बीडीओ ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार को सुआगाड़ा में सफाई कार्य के अलावा चूना आदि भी डलवाया जाएगा।
बोले ग्रामीण- फैल रहा बुखार
गांव में सफाई का बुरा हाल है। मुख्य सड़क पर कीचड़ और जलभराव रहता है। सफाई कर्मचारी आता ही नहीं है। कभी-कभी आता है तो नालियों का कचरा सड़क किनारे फैलाकर चला जाता है। गांव को कोई भी देखने वाला नहीं है।
- वसीम, सुआगाड़ा
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घर में कई लोगों को बुखार से पीड़ित है। सफाई ठीक से होती नहीं है, जिसकी वजह से मच्छर फैल रहे है। गांव में अभी तक एंटी लार्वा का छिड़काव भी नहीं कराया गया, न ही स्वास्थ्य कैंप लगा है।
-बकद्दा, सुआगाड़ा
शहर से सटा गांव होने के बाद भी इसकी अनदेखी की जाती है। गांव में कई लोग बुखार से पीड़ित है, बावजूद इसके बाद यहां न तो कोई दवा का छिड़काव किया गया और न ही कोई हाल जानने पहुंचा।
मालती, सुआगाड़ा
गांव का सफाई कर्मचारी कौन है, कुछ भी पता नहीं है। सफाई के लिए कभी आता ही नहीं है। कभी-कभी एक प्राइवेट कर्मचारी आता है, जो कुछ जगह पर सफाई कर चला जाता है। गांव में अभी तक न तो मेडिकल कैंप लगा न ही एंटी लार्वा का छिड़काव हो सका।
महमूद, सुआगाड़ा
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55 गांव एंटी लार्वा से वंचित
निघासन। त्रिकोलिया, मिर्जागंज, बथुआ, खैरीगढ़, सिसैया, मदनापुर, निबौरियां आदि ग्राम पंचायत में अभी तक एंटी लार्वा का छिड़काव नहीं कराया। सूत्रों के अनुसार, निघासन क्षेत्र के करीब 55 गांव ऐसे हैं, जहां न जांच कोई स्वास्थ्य कैंप लगा न ही एंटी लार्वा का छिड़काव कराया गया।
धौरहरा कस्बे सहित ग्रामीण क्षेत्रों में फैला बुखार
धौरहरा। क्षेत्र के कफारा, अभयपुर, टेकीकुंडा, अमेठी, रामनगर लहबड़ी, महादेव, सेमरी, बुचवा, महराजनगर, ईसानगर खमरिया, हसनपुर कटौली, देबीपुरवा, गुदरिया, हरदी, सरसवा आदि करीब सौ गांवों में गंदगी का आलम हैं। यहां बुखार और मच्छर जनित बीमारियां फैली हुई हैं, पर जिम्मेदारों ने अब तक एंटी लार्वा का छिड़काव नहीं कराया है। नही फॉगिंग कराई गई है। संवाद
सफाई न एंटी लार्वा का छिड़काव
खमरिया। ब्लाक ईसानगर मटेरिया, खमरिया, महेरिया लुधोनी आदि गांवों में गंदगी की भरमार है। मच्छरों का प्रकोप होने के बाद भी यहां एंटी लार्वा का छिड़काव नहीं कराया। सफाई कर्मी महीने में दो बार सफाई करता है। संवाद
पसगवां क्षेत्र में भी बुरा हाल
पसगवां। चौबियापुर, गनेशापुर, गुरूदेवखेड़ा, पिपरी अजीज, कोटरा, कंजा, रतनपुर फागिंग एंटी लार्वा का छिड़काव नहीं कराया। ग्राम पंचायतों में नए सचिवों नियुक्ति हैं, लेकिन मुख्यालय गांव आवंटन नहीं हो सके। एडीओ पंचायत देवेंद्र कुमार ने बताया कि प्रस्ताव डीपीआरओ कार्यालय भेजा जा चुका है। संवाद
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पलिया क्षेत्र में कई जगह फॉगिंग नहीं
पलियाकलां। पलिया खुर्द, बसंतापुर, बोझवा आदि कई गांवों संपर्क मार्गों पर पानी भरा है, लेकिन अभी तक इन गांवों में एंटी लार्वा का छिड़काव और फॉगिंग नहीं कराई गई है, जिसकी वजह से मच्छरों से बीमारियां फैलने का खतरा भी मंडरा रहा है। संवाद
वर्जन
जनपद भर में सफाई के साथ ही एंटी-लार्वा का छिड़काव कराया जा रहा है। सफाई को लेकर रोस्टर भी तैयार है। अगर कहीं सफाई नहीं हो रही है तो वहां सफाई कराई जाएगी। एंटी लार्वा का भी छिड़काव कराया जा रहा है।
-विशाल सिंह, डीपीआरओ
सुआगाड़ा गांव की मुख्य सड़क का हाल- संवाद
सुआगाड़ा गांव की मुख्य सड़क का हाल- संवाद
सुआगाड़ा गांव की मुख्य सड़क का हाल- संवाद
सुआगाड़ा गांव की मुख्य सड़क का हाल- संवाद