फरधान। पीलीभीत बस्ती नेशनल हाईवे पर पड़ने वाली कस्बे की रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज बनने की सूचना से खुशी में झूम रहे लोगों को उस वक्त बड़ा झटका लगा, जब पैमाइश करने आए अधिकारियों ने सड़क के एक तरफ ही ओवरब्रिज बनने की बात कहकर लोगों के घरों को चिह्नित करना शुरू कर दिया, जिससे दुकानदारों और मकान मालिकों में हड़कंप मच गया।
एक तरफ ही ओवरब्रिज बनने को बताकर लोगों के घरों में निशान लगाकर तोड़ने को बताया तो लोगों में हड़कंप मच गया। मकान मालिकों और दुकानदारों का कहना है कि इससे 65 से ज्यादा मकान और सौ से ज्यादा दुकानें टूट जाएंगी। लोगों के आशियाने छिनने के साथ साथ रोजगार के लिए बनी दुकानें जाने से रोजीरोटी का संकट भी सताने लगा है। फरधान कस्बे में सड़क चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है। रेलवे ने बड़ी लाइन का कार्य भी पूरा कर दिया है। भले ही इस समय कोरोना काल के कारण ट्रेनें नही चल रही हैं, लेकिन ट्रेन चलने का उद्घाटन 14 फरवरी 2020 को ही हो गया था। इन सब सुविधाओं के साथ क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज बनने की सूचना से लोगों में खुशी थी। लगभग छह माह पहले ओवरब्रिज बनाने के लिए सड़क के दोनों तरफ 17 मीटर तक पैमाइश की गई थी, लेकिन ओवरब्रिज बनवाने आए जेई और अधिकारियों ने सड़क के एक ही ओर ओवरब्रिज बनाए जाने की बात कहकर सड़क किनारे के मकान और दुकानों को भी चिन्हित कर उन्हें 21 दिसंबर तक तोड़ने के निर्देश दे दिए, जिससे सड़क किनारे के मकान मालिकों और दुकानदारों में हड़कंप मचा है। व्यापारी पुनीत तिवारी, राकेश कुमार गुप्ता, राम प्रवेश और विजय वर्मा का का कहना है कि सभी जगह ओवरब्रिज सड़क के बीचों बीच और दोनों तरफ फुटपाथ बनाया जाता है, लेकिन यहां रोड के एक तरफ ओवरब्रिज बनने से लगभग 100 से ज्यादा दुकानें टूट जाएगी।
मकान मालिक अनुपम मिश्र, शिवपूजन गुप्ता, सचिन तिवारी का कहना है रोड के दक्षिण की तरफ रेलवे होने की वजह से पूरा कस्बा रोड के उत्तर में बसा है, लेकिन अधिकारी रेलवे की जगह छोड़कर एक ही तरफ ओवरब्रिज बनाने की बात कह रहे हैं। लोगों का कहना है कि मकान सड़क से पहले ही 18 से बीस मीटर की दूरी पर बने हुए हैं, उस पर भी सभी घरों पर पांच से आठ मीटर तक तोड़ने की नोटिस चस्पा कर दी गई है। अनिल श्रीवास्तव का कहना है इस मानक से कस्बे में बनी सीएचसी के अंदर की भी दो तीन मीटर जगह ओवरब्रिज की जद में आ रही हैं। वही कस्बे में बनी दो बैंकें भी किराये के भवन में हैं वो भी टूट जाएंगी। कस्बावासियों में इस तरह की सूचना से खासी परेशानी बनी हुई है और लोग अधिकारियों समेत क्षेत्रीय विधायक और सांसदों से समस्या का निराकरण कराए जाने की मांग कर रहे हैं।