लखीमपुर खीरी। करीब 34 साल बाद शिक्षा नीति में बदलाव किए जाने को सभी शिक्षाविदों ने सराहा है। नई शिक्षा नीति में पांचवीं तक मातृभाषा में पढ़ाई की व्यवस्था अच्छा बदलाव लाएगी। मेडिकल-विधि के अलावा पूरी उच्च शिक्षा का एक नियामक बनाए जाने के फैसले को भी अच्छा कदम बताया है।
शिक्षा नीति में बदलाव की जरूरत काफी अरसे से थी, जो अब पूरी हुई है। शिक्षा क्षेत्र में और अधिक गुणवत्ता आएगी और समाज एक नई दिशा की ओर बढ़ेगा।
डॉ जेएन सिंह, प्रवक्ता, वाईडी कॉलेज
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी आवश्यकता के अनुरूप बदलाव किए गए हैं, जिससे निसंदेह कुछ अच्छे परिणाम देखने को मिलेंगे। कॉलेजों की ग्रेडिंग और उन्हें स्वायत्ता देने के लिए बात कही गई है।
- डॉ सुभाष चंद्रा, प्रवक्ता, वाईडी कॉलेज
उच्च शिक्षा में 3.5 करोड़ नई सीटें बढ़ाने से निश्चित ही युवाओं को इसका फायदा मिलेगा। नए कॉलेजों को संबद्धता देने से ग्रामीण क्षेत्रों में भी इनकी संख्या बढ़ेगी।
-डॉ सतेंद्र दुबे, प्रवक्ता, वाईडी कॉलेज
सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में प्रवेश के लिए एक राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी द्वारा परीक्षा कराने का निर्णय अच्छा है। इससे कई तरह की समस्याएं दूर होंगी और विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा।
-डॉ डीएन मालपानी, प्राचार्य वाईडी कॉलेज