मैगलगंज। गुलाब जामुन के लिए मशहूर मैगलगंज कस्बा एक गंभीर समस्या से जूझ रहा है। यहां से शाम पांच बजे के बाद लखीमपुर जिला मुख्यालय के लिए आवागमन पूरी तरह ठप हो जाता है। यहां से न तो उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की कोई बस मिलती है और न ही प्राइवेट बस सेवा उपलब्ध होती है। इससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
करीब 15 हजार की आबादी वाला मैगलगंज कस्बा के आसपास के 20 गांव को जोड़ता है। यहां पांच सरकारी बैंक, रेलवे स्टेशन, डाक घर, कृषि उत्पादन मंडी समिति व सरकारी व गैर सरकारी विद्यालय है। मैगलगंज से लखीमपुर के बीच रोजाना लगभग 25 प्राइवेट बसें संचालित होती हैं। पहली बस सुबह सात बजे और आखिरी शाम पांच बजे रवाना होती है।
लखीमपुर से मैगलगंज के लिए पहली बस सुबह 6:30 बजे आती है। इसके बावजूद शाम पांच बजे के बाद कोई भी बस सेवा उपलब्ध नहीं रहती। समस्या केवल आम यात्रियों तक सीमित नहीं है।
जिला अस्पताल में भर्ती मैगलगंज क्षेत्र के मरीजों और उनके परिजनों को भी आवागमन में काफी मुश्किलें आती हैं। कई बार तो यात्रियों को अन्जान व्यक्तियों से मदद मांगनी पड़ती है, जो कई बार अप्रिय घटनाओं का कारण बन जाता है।
क्षेत्रीय ग्रामीणों को भी न्यायालय में पेशी पर आने समेत अन्य सरकारी कार्यों के लिए वापस आने पर दिक्कतें होती हैं। पूर्व में एक घटना में निजी कंपनी में कार्यरत दो युवतियों को जिला मुख्यालय जाना था, लेकिन कोई साधन न मिलने के कारण उन्होंने पीआरवी 112 को कॉल कर सहायता मांगी।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि शाम के समय भी नियमित बस सेवा उपलब्ध कराई जाए। ताकि यात्रियों को सुरक्षित और सुगम यात्रा का लाभ मिल सके।
बोले लोग
शाम के बाद अगर किसी को अगर जरूरी काम से लखीमपुर जाना हो तो उसे महंगी टैक्सी करनी होगी, जो गरीब आदमी के बस की बात नहीं है।
-मोहम्मद हारुन, दुकानदार
रोज किसी न किसी मरीज को जिला अस्पताल भेजना पड़ता है, पर शाम के समय कोई भी साधन लखीमपुर के लिए उपलब्ध नहीं रहता। ऐसे में मरीज कैसे जिला अस्पताल जा पाएगा, यह गंभीर समस्या है।
-डॉ. अचिंत शुक्ला, क्लिनिक संचालक
कभी-कभी विद्यालय के काम से मुख्यालय जाना पड़ता है, अगर काम होने में देरी हो जाती है तो उधर से कोई भी बस या अन्य साधन नहीं मिल पाता। ऐसे में लिफ्ट लेकर आना पड़ता है तो असुरक्षित महसूस करते है।
-बरखा रानी, शिक्षामित्र
इतने बड़े कस्बे में शाम पांच बजे के बाद कोई सरकारी या प्राइवेट बस न चलना प्रशासन की लापरवाही है। परिवहन विभाग को इस पर ध्यान देना चाहिए।
-राजीव गुप्ता, व्यवसायी
राजीव गुप्ता- फोटो : कलक्ट्रेट में नारेबाजी करते विहिप कार्यकर्ता। संवाद
राजीव गुप्ता- फोटो : कलक्ट्रेट में नारेबाजी करते विहिप कार्यकर्ता। संवाद
राजीव गुप्ता- फोटो : कलक्ट्रेट में नारेबाजी करते विहिप कार्यकर्ता। संवाद