दुधवा में महावत के साथ लेटी नन्हीं हथिनी दुर्गा।
बांकेगंज। बिजनौर से नजीमाबाद जंगल से रेस्क्यू कर दुधवा लाई गई हथिनी गौरी और महावत इरशाद के बीच कृष्ण-यशोदा जैसा प्यार है। दुधवा की दक्षिण सोनारीपुर बेस कैंप में पल रही गौरी महावत इरशाद के साथ खेलती है। गोद में सिर रखकर सो जाती है।
तीन माह की हथिनी गौरी चार माह पहले बिजनौर के जंगल में अपनी मां से बिछड़ गई थी। बिजनौर के वनकर्मियों ने उसे रेस्क्यू किया था। बाद में प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने उसे पालन पोषण के लिए दुधवा भेज दिया था। 12 अक्टूबर की रात्रि नवरात्र से पूर्व दुधवा आने के कारण दुधवा टाइगर रिजर्व के एफडी ललित वर्मा और दुधवा डीडी डॉ. रंगाराजू टी ने इसका नाम गौरी रखा था। दुधवा की दक्षिण सोनारीपुर रेंज में प्रशिक्षित महावत इरशाद को इस हथिनी की देखरेख की जिम्मेदारी सौंपी गई।
गौरी महावत से इतना घुल मिल गई है कि वह इरशाद के साथ खेलती-कूदती है। उनके हाथ से ही खाना खाती है। इरशाद के कंधे पर सूंड़ रखकर अपना प्यार जताती है। गुनगुनी धूप में उनकी गोद में सिर रखकर सो जाती है। जैसे बच्चे सोते हैं एक हाथ महावत के ऊपर रखकर सोती है। इन दोनों के बीच ममता भरा प्यार देख लोग भावुक हो उठते हैं। एफडी ललित वर्मा ने बताया कि जंगल सफारी का आनंद लेने आने वाले सैलानी खासकर उनके बच्चे गौरी के साथ सेल्फी भी लेकर काफी उत्साहित होते हैं।