माला जंगल में जान हथेली पर रखकर कर रहे हैं काम
आरवीएनएल के जीएम और ऐशबाग-पीलीभीत रेल परियोजना के प्रबंधक केएम विश्वकर्मा का कहना है कि पीलीभीत टाइगर रिजर्व के माला जंगल में आमान परिवर्तन का काम जान हथेली पर रखकर किया जा रहा है। अक्सर बाघ और अन्य हिंसक वन्य पशुओं का सामना हो जाता है। शनिवार शाम चार बजे एक तेंदुआ ने उनके करीब से गुजरकर गया। एक दिन बाघिन अपने दो शावकों के साथ जंगल से निकलकर ट्रैक के पास आ गई, जिससे काम कर रहे श्रमिक घबरा गए।
आरवीएनएल के सिविल साइट इंजीनियर रवि प्रकाश ने बताया कि शाहगढ़ से पीलीभीत के बीच युद्धस्तर पर तीव्रगति से काम हो रहा है। संदेई हाल्ट से माला स्टेशन की तरफ साढ़े चार किमी पटरियों की वेल्डिंग भी हो चुकी है। अतिशीघ्र माला तक वेल्डिंग का काम पूरा हो जाएगा। ट्रैक की मिनी पैकिंग का काम चल रहा है। इसके बाद फाइनल पैकिंग कराई जाएगी।
आरवीएनएल के सीनियर साइट इंजीनियर विद्युत मधुर गोयल ने कहा कि विद्युतीकरण के लिए माला जंगल में फाउंडेशन का काम चल रहा है, जोकि ढाई किमी तक हो चुका है। खंभे खड़े करने का काम भी चल रहा है, ताकि जनवरी के आखिर तक विद्युतीकरण का काम पूरा किया जा सके।