मंजूनाथ हत्याकांड में सजा काट रहे दोषसिद्ध कैदी पवन मित्तल ने कारागार में ही रहकर बीए की पढ़ाई करने की इच्छा जताई है। पवन के आवेदन पर कारागार अधिकारियों ने इग्नू से फार्म भरवा कर रोल नंबर और एडमिट कार्ड भी जारी कर दिया है।
पवन की ही तरह कारागार में दुराचार, हत्या और दहेज हत्या के आरोपी तीन और बंदियों ने डिप्लोमा कोर्स करने के लिए फार्म भरा है।
इनमें करीब नौ माह पूर्व प्रशासनिक आधार पर सीतापुर की कारागार से लखीमपुर भेजे गए हत्या के विचाराधीन बंदी सुमन मिश्रा भी शामिल है। सुमन ने डिप्लोमा कोर्स के लिए फार्म भरा है। कारागार अधिकारियों के मुताबिक वह खाद्य पदार्थों में पोषक तत्वों पर अध्ययन कर रहा है। वहीं दुराचार के आरोप में कारागार में निरुद्ध महेश कुमार मिश्रा ने भी बैचलर प्रीप्रेटरी प्रोग्राम के तहत कोर्स करने के लिए फार्म भरा है। अधिकारी बताते हैं कि महेश ने कोर्स करने के लिए काफी समय से कह रहा था। इसी तरह दहेज हत्या के आरोप में कारागार में निरुद्ध बंदी आलोक मिश्रा ने भी इग्नू से मानवाधिकार पर अध्ययन करने के लिए फार्म भरा है। इनकी पढ़ाई के लिए इंदिरा गांधी नेशनल एकेडमी (दिल्ली) से किताबें कारागार में ही उपलब्ध कराई जाएंगी। अभी हाल में ही पढ़ाई करने वाले इन बंदियों को एडमिट कार्ड और उनका रोल नंबर जारी किया गया है।
कारागार में निरुद्ध मंजूनाथ हत्याकांड के दोषसिद्ध कैदी पवन मित्तल के साथ ही तीन अन्य बंदियों ने भी पढ़ाई की इच्छा जताई थी, जिसके बाद उन सभी का फार्म इग्नू से डलवा दिया गया है। इन्हें एडमिट कार्ड और रोल नंबर भी जारी कर दिया गया है। सभी को किताबें उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
-ज्ञानप्रकाश, जेलर