फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

...तो कर्ज माफी के गणित में उलझ गए ‘मंगली’

Thu, 14 Sep 2017 11:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी। 
विज्ञापन
money - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
पांच हजार से अधिक ऐसे किसान, जिनका 100 रुपये से कम हुआ माफ, प्रशासन से करेंगे शिकायत
विज्ञापन


सरकार कर्ज माफी का ढिंढोरा तो पीट रही है। लेकिन आंकड़े चौकाने वाले हैं। पहले चरण में 36, 668 किसानों के कर्ज माफ हुए। इनमें 5,223 किसान ऐसे हैं, जिनकी कर्ज माफी सौ रुपये से कम है। ऐसे किसान जब बैंक पहुंचे, तब उन्हें मालूम हुआ कि माफ तो दो चार रुपये ही हुए हैं। अभी हजारों चुकाने हैं। ऐसे कई किसान हैं, जो जिलाधिकारी से शिकायत करेंगे। 
ब्लाक  निघासन के गांव दुर्गापुरवा निवासी किसान मंगली ने करीब सात साल पहले कस्बे के सिंगाही रोड स्थित लखनऊ क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक से करीब अस्सी हजार रुपये का कर्ज लिया था। कर्ज माफी की सुनकर गदगद हुए। लेकिन बैंक पहुंचे तो पता चला कि 102 रुपये माफ हुए थे। उन्हें समझ में नहीं आ रहा कि यह हुआ कैसे। अब मंगली कहते हैं कि भाजपा सरकार ने किसानों के साथ छलावा किया है। वह जिलाधिकारी से मिलेंगे। मंगली एकलौते ऐसे नहीं है।
विज्ञापन

जिले में छह लाख से अधिक पंजीकृत किसान हैं, जिसमें से दो लाख 53 हजार किसान ऐसे हैं, जिनके किसान क्रेडिट कार्ड बने हैं और कर्जा ले रखा है। प्रदेश सरकार ने 31 मार्च 2016 तक का कर्जा माफ किया है। इसमें जिले के दो लाख 14 हजार किसानों का कर्जा माफ करने के लिए चयनित कर सत्यापन कराया जा रहा है। पहले चरण में 36,668 किसानों को कर्जामाफी के लिए चयनित किया गया। लेकिन अधिकांश किसानों को कोई खास लाभ नहीं मिल सका है। इसमें उन्हीं किसानों को लाभ हुआ, जो 31 मार्च 2016 तक का कर्जा और ब्याज जमा नहीं कर पाये थे, उनका तो एक लाख रुपये तक कर्जा माफ हो गया। बाकी का वही धन माफ हो सका जो अवशेष था। इस श्रेणी में बहुत से किसान ऐसे हैं, जिनका कर्ज दो रुपये से लेकर एक हजार के बीच है।  

 
इलाहाबाद बैंक शाखा बांकेगंज से मार्च 2014 में 50 हजार का कर्जा लिया था। मार्च 2015 में 55 सौ रुपये ब्याज जमा किया। तब से अब तक कुछ नहीं जमा किया। करीब 20 दिन पहले बैंक गए थे, जहां 68 हजार रुपये कर्जा बाकी बताया गया था। इधर जो लिस्ट लेखपाल ने दिखाई, उसमें मात्र 34 रुपये कर्जा माफ बताया गया। हमें तो कोई फायदा नहीं हुआ। कैसे हुआ यह समझ में नहीं आया। इसकी शिकायत प्रशासन से करेंगे।
- लतीफ खान, गांव अंगदपुर, ब्लाक बाकेगंज

 
बांकेगंज की इलाहाबाद बैंक से फसली ऋण लिया था। सरकार की कर्ज माफी घोषणा की बात सुनकर खुशियां मनाईं थी। बैंक जाने पर कर्ज माफी लिस्ट में मात्र 24 रुपये आए हैं। यह देखकर वह दंग रह गया। अधिकारी से मिलकर बात करेंगे।
राधेश्याम पुत्र रामचरन, भीखमपुर

 
एक लाख रुपये से ऊपर कर्ज था। बैंक पहुंचने पर पता चला कि फसली ऋण खाते में मात्र 32 रुपये का कर्ज माफ हुआ। मन खराब हो गया।
मनोहर पुत्र मुल्लू, गिरधरपुर
 
फैक्ट फाइल:
कुल किसान (पंजीकृत): 06 लाख से अधिक
किसान क्रेडिट कार्ड धारक: 02 लाख 53 हजार
कर्जामाफी के लिए पात्र: 81,519
प्रथम चरण के लिए चयनित: 36,668
कर्जामाफी के लिए मिली धनराशि: 249 करोड़
 
100 रुपये से कर्ज माफ होने वाले कुछ किसान
क्रस.  नाम       गांव-ब्लाक       कर्जामाफ (रुपये)
1. अनीश    धमौला-धौरहरा        05
2. सोनवती    मुर्गहा-पलिया        98
3. प्रेमचंद    रामपुर-गोला           15
4. रामप्रकाश  खरगापुर-गोला      02
5. संदीप    लंदनपुर-गोला          05
6. बल्ला     बल्लीपुर-पलिया      15
7. नीमा देवी   मझगईं-पलिया    15
8. बीरा देवी   सरैंया-मितौली     11
9. बाबूराम    दतेली-मितौली     11
10. रामभरोसे  गुलौला-बेहजम   11
11. जगदंबा  बम्मनपुर-फूलबेहड  10
12. कृपाराम  रुद्रपुर-निघासन     09
13. शमीम बानो  नौसरजोगी-बिजुआ   17
14. रामनरेश   लाल्हापुर-बांकेगंज     12
15.चेतराम   ग्रंट नं. 11.बांकेगंज      02
16. आशीष कुमार परसपुर-पलिया   10
 
जो डॉटा तैयार किया गया, उसमें 31 मार्च 2016 तक का एक लाख रुपये तक का कर्ज माफ हुआ है। जो किसान यह कह रहे है कि उनका कर्जा ज्यादा है और माफ कुछ रुपये ही हुए है, उनका कर्जा निश्चित रूप से एक अप्रैल 16 या इसके बाद का होगा।
विज्ञापन

एसके वर्मा, जिला कृषि अधिकारी।
 
 
शासन ने 31 मार्च 2016 तक एक लाख रुपये का कर्जा नियमानुसार माफ किया है। यदि किसी किसान को लगता है कि उसका कर्जा कम माफ हुआ तो वह मंडल स्तर पर अपील कर सकता है। साथ ही यदि कोई किसान ऐसा है, जिसका 31 मार्च 2016 तक कर्जा ज्यादा है और माफ महज खुद रुपये ही हुआ तो वह अपनी शिकायत मेरे यहां दर्ज कराए। मामले की जांच कराकर निस्तारण कराया जाएगा।
आकाशदीप, डीएम।  
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें