दुधवा नेशनल पार्क के एफडी ने लिखाडीएम को पत्र
डीएम ने एसडीएम को दिए मंडी हटाने में पार्क प्रशासन को सहयोग देने के निर्देश
आदिवासी थारू जनजाति क्षेत्र चंदनचौकी में आबाद मंडी पर अब खतरे के बादल मंडराने लगे हैं। मंडी को खाली कराने के लिए दुधवा नेशनल पार्क के एफडी ने डीएम को पत्र भेज कर सहयोग मांगा है। डीएम ने इसके लिए एसडीएम पलिया को पत्र भेज दिया है। जिस पर एसडीएम भी पार्क प्रशासन को तारीख के लिए पत्र भेज रहे हैं। तारीख तय हो जाने के बाद मंडी हटाने की मुहिम शुरू कर दी जाएगी।
गौरतलब है कि चंदनचौकी मंडी मंडी को खाली कराने के लिए पार्क प्रशासन ने सालों पहले से कई कोशिश कीं लेकिन व्यापारियों के कोर्ट पहुंच जाने से मंडी खाली नहीं हो सकी। कोर्ट में मामला सालों साल चलता रहा। अब एफडी के एक पत्र ने फिर से मंडी के वजूद पर ग्रहण लगा दिया है। एफडी सुनील चौधरी की ओर से डीएम आकाशदीप को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि दुधवा नेशनल पार्क की उत्तर सोनारीपुर रेंज में अवैध मंडी स्थापित है और वन अधिनियम 1927 की धारा 61 बी(1) 103 वाद समछ अधिकारी स्तर पर निर्णित हुए हैं। उप प्रतिवादि अपीलीय न्यायालय से विभाग के पक्ष में निर्णय हो चुका है और अब कहीं भी कोई वाद लंबित नहीं है। इसी क्रम में उन्होंने दुकानों को खाली कराने में सहयोग की मांग की गई है। एफडी के इस पत्र को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने एसडीएम को पत्र भेजा है। एसडीएम अब इस पत्र पर पार्क प्रशासन को मंडी खाली कराने की तारीख तय करने को पत्र लिख रहे हैं। तारीख तय होते ही मंडी को खाली कराने को मुहिम शुरू हो जाएगी। इससे मंडी के व्यापारियो में खलबली मच गई है। बता दें की कई साल पहले इसी तरह आबाद गौरीफंटा मंडी को भी कोर्ट के एक आदेश के तहत हटवा दिया गया था। हालांकि इसमें कुछ दुकानदार बच गए थे जो आज मंडी में अतिक्रमण का सबब बन रहे है। इसमें से कुछ तो फड़ लगवाकर अतिक्रमण करवा रहे हैं। इसमें फड़ वालों से मोटी वसूली भी की जाती है।
पत्र आया है जिस पर पार्क प्रशासन को पत्र भेज कर तारीख तय करने को कहा जाएगा। तारीख तय होने जाने के बाद जो सहयोग हो सकता है पार्क प्रशासन को दिया जाएगा।
-शादाब असलम, एसडीएम, पलियाकलां