यजमानों को यज्ञ का महत्व बताते यज्ञाचार्य। स्रोत: सोशल मीडिया
लखीमपुर खीरी। जमुनाबाद ब्लॉक नंबर दाे स्थित फकीर बाबा स्थान पर हो रहे श्री रुद्र महायज्ञ के दूसरे दिन यज्ञाचार्य पं. लक्ष्मीकांत मिश्र ने यज्ञशाला के 16 स्तंभों का महत्व बताया।
उन्होंने कहा कि यज्ञशाला का निर्माण 16 स्तंभों को मिलाकर किया जाता है। हर स्तंभ पर लाल, काला, पीला और सफेद वस्त्र बांधा जाता है। यज्ञाचार्य ने बताया कि कुंड में अग्नि प्रज्ज्वलित करने के लिए अरणी मंथन किया जाता है। इस दौरान अग्नि सूक्त और वेद मंत्रों का उच्चारण होता है। सभी देवताओं को विशेष आहुति दी जाती है। वहीं आचार्य ओमबीर तिवारी ने बताया कि समस्त वेदियों के पूजन के साथ यज्ञ का शुभारंभ हुआ। सर्वप्रथम गणेश आदि देवताओं को आहुति देकर सभी वेदियों का हवन हुआ। इसमें राष्ट्र कल्याण, जन कल्याण, ग्राम कल्याण का संकल्प लिया जा रहा है।
इस अवसर पर संरक्षक पूर्व विधायक रामसरन, आयोजक पूर्व जिला पंचायत सदस्य महेश चंद्र कनौजिया, प्रक्षेत्र प्रबंधक संजीव सिंह, प्रखंड प्रभारी अजय वर्मा, कुलदीप वर्मा, सुरेश वर्मा, जनमेजय यादव रहे।