10 डिग्री लुढ़का पारा, ठंडी हवाएं चलीं
गन्ना, मसूर, गेहूं, सरसों को नुकसान
होली से ठीक पहले मौसम ने करवट ले ली। रुक-रुककर हुई वर्षा और ठंडी हवा के कारण ठंड लौट आई। वहीं गन्ने की फसल गिर गई, तो गेहूं, मसूर और सरसों को भी काफी नुकसान हुआ। मौसम विज्ञानी के अनुसार शनिवार को शुक्रवार को अधिकतम तापमान 20.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 14.2 डिग्री सेल्सियस रहा। पूरे दिन में करीब 16.2 मिलीमीटर वर्षा हुई। चूंकि गुरुवार को अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया था, इसलिए शुक्रवार को 10 डिग्री पारा लुढ़क गया। गुरुवार को आधी रात के बाद से ही तेज हवाओं और बूदाबांदी का क्रम शुरू हो गया था। शुक्रवार की सुबह से बादल छाए रहे और दिन में रुक रुककर कई बार वर्षा हुई। वर्षा ने मौसम का मिजाज बिगाड़ दिया। तापमान का चढ़ा पारा एकाएक गिरने से मौसम काफी सर्द हो गया। बीते शनिवार को भी सावन और भादौं मास का अहसास कराने वाली हुई। मौसम के असर से सड़कों, बाजारों, रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर काफी कम लोग दिखे। सरकारी दफ्तरों में भी छुट्टी जैसा माहौल रहा।
गोला गोकर्णनाथ। होली के त्योहार की तैयारियों में लोग साफ सफाई रंग रोगन करने में जुटे हैं। वहीं वर्षा से त्योहार की तैयारियों में खलल पड़ा है। सर्दी की विदाई मानकर मौसम में बढ़ी गर्मी से लोगों ने अपने गर्म कपड़े संदूकों में बंद कर दिए थे। गुरुवार की रात से शुरू हुई बरसात ने होली से पहले लोगों के तन को भिगो दिया है। एकाएक मौसम के बदले मिजाज ने लोगों को फिर गर्म कपड़े पहनने को मजबूर कर दिया है।
ममरी। गुरुवार की रात और शुक्रवार सवेरे रुक रुक कर हुई बारिश से जहां गेहूं गन्ने को लाभ पहुंचा है वहीं लाही और आम के बौर को क्षति हुई है। ठंडी हवाएं चलने से ठंड फिर बढ़ गई है।
बांकेगंज। गुरुवार रात हवाओं के साथ झमाझम बारिश से किसानों के चेहरे की हवाइयां उड़ गईं। वर्षा से आम की फसल को भी नुकसान हुआ है।
मैलानी। गुरुवार रात से मौसम का मिजाज बदल गया। आकाश में बादलों का डेरा और बूंदाबांदी फसलों को भी नुकसान हुआ। दोपहर बाद मौसम साफ हो गया और धूप भी खिल गई। इससे किसानों के चेहरे खिल उठे।
गुलरिया। वर्षा से खेतों मे खड़ी लाही, मसूर, चना, गेहूं, सरसों आदि फसलों मे नुकसान हुआ है। होली की खुशियां मनाने की जगह किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें खिंच गईं।
तिकुनियां। गुरुवार रात से तेज हवा के साथ वर्षा शुरू हो गई। गन्ने की बुआई प्रभावित हुई है। इससे वर्षा से किसानों को नुकसान हुआ है।
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किसान बोले, चौपट हो जाएंगी फसलें
बेहजम के किसान मंगूलाल का कहना है कि वर्षा होने से कुछ किसानों को फायदा भले ही हुआ हो, लेकिन अधिकांश लोगों को नुकसान हुआ। क्योंकि गेहूं की फसल की सिंचाई पहले ही हो चुकी है। अधिक वर्षा से गेहूं, सरसों, चना आदि की फसल को नुकसार हुआ है। महेवागंज के किसान अरविंद अवस्थी का कहना है कि और वर्षा हुई तो गन्ने की छिलाई भी प्रभावित होगी। बिझौली क्षेत्र के किसान विपिन श्रीवास्तव, राकेश, दिनेश सिंह, राजू, रामेश्वर सिंह का कहना है कि वर्षा से गेहूं के गिरने से पैदावार कम होने की संभावना है और इससे दाना और भूसा भी कम निकलेगा।