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125 किसान हुए बर्बाद, 57 को मिला मुआवजा

Tue, 07 Apr 2015 08:33 PM IST
तिकुनियां (लखीमपुर खीरी)।
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जिले में बारिश और ओले गिरने से किसान तबाह हो गए हैं, किंतु सरकारी रिपोर्ट में 20 प्रतिशत तक का ही नुकसान माना जा रहा है। रिपोर्ट में तहसील निघासन के गांव बेलापरसुआ में सर्वाधिक 25 से 49 प्रतिशत तक फसलों का नुकसान दर्शाया गया है, किंतु यहां के किसानों को दिया जाने वाला मुआवजा भी खानापूरी साबित हुआ है। वजह है 125 किसानों में से फरवरी में हुई बारिश के नुकसान का जिन 57 किसानों में 94 हजार रुपये की धनराशि वितरित की गई, वह उनके किसी काम नहीं आ पाई है। इस राशि से न तो उनकी बैंक के कर्जे की किस्त अदा हो पाई है और न ही खाद, बीज की कीमत ही अदा हो सकी है। क्षेत्र के सुकई, दीनदयाल, रामाधार, जानकी, कुसुमा देवी जैसे तमाम ऐसे किसान हैं, जिन्हें पांच से 15 सौ रुपये तक ही मुआवजा मिल सका है, जो उनके लिए नाकाफी रहा है।
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इन किसानों को नहीं मिला मुआवजा
तिकुनियां। बार्डर इलाके के गांव चौगुर्जी निवासी अयोध्या प्रसाद, राकेश कुमार, वकील कृष्ण कुमार ने बताया कि उनके खेत में खड़ी नौ एकड़ मसूर की फसल ओला गिरने से पिछली बारिश में नष्ट हो गई थी। इस बाबत क्षेत्रीय लेखपाल ने रिपोर्ट भेजने की बात कही थी, लेकिन अभी तक मुआवजा नहीं मिला है। इन किसानों ने डीएम से मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है।

25 से 50 फीसदी तक के नुकसान का पुन: सर्वे कराने के निर्देश दिए गए हैं, जिसकी आठ अप्रैल की शाम तक रिपोर्ट मांगी गई है। 25 से 50 फीसदी तक के नुकसान पीड़ितों को भी मुआवजा दिया जाएगा। बजट मिलते ही पूर्व में चिह्नित किसानों को मुआवजा दिया जाएगा।
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-हरिकेश चौरसिया, एडीएम
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